📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Theklan
राजनीति
भारतीय अमेरिकियों ने घरेलू समस्याओं के कारण ट्रम्प को ठुकराया, द्विपक्षीय संबंधों को पीछे धकेला
✍️ The New Indian Express
🗓 09 नव. 2026, 04:33 AM
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भारतीय अमेरिकी मतदाताओं ने घरेलू नीतियों की चिंताओं के कारण ट्रम्प को विरोध किया, जबकि भारत‑अमेरिका संबंधों को प्राथमिकता नहीं दी।
भारतीय अमेरिकी मतदाता समूह, जो अमेरिकी चुनावों में धीरे‑धीरे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, ने हालिया चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प को अस्वीकार किया। सर्वेक्षणों से पता चलता है कि कई मतदाताओं को प्रशासन की घरेलू नीतियों, विशेषकर अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक नीति पर भरोसा नहीं रहा।
मतदाताओं की असंतुष्टि मुख्य रूप से ट्रम्प के घरेलू एजेंडे से जुड़ी थी, जबकि विदेश नीति को प्राथमिकता नहीं दी गई। महंगाई, नौकरी की सुरक्षा और आप्रवासन सुधार जैसी समस्याओं को उन्होंने अपने मतदान के प्रमुख कारण बताया।
संयुक्त राज्य और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी जारी है, परन्तु प्रवासी समुदाय ने कहा कि द्विपक्षीय संबंध उनके मतदान निर्णय में द्वितीयक रहे। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने बताया कि इस समुदाय का ध्यान अपने दैनिक जीवन पर प्रभाव डालने वाली घरेलू नीतियों पर अधिक था।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव दर्शाता है कि प्रवासी मतदाता अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की बजाय स्थानीय मुद्दों को अधिक महत्व दे रहे हैं, और भविष्य में उम्मीदवारों को भारतीय अमेरिकी वोट जीतने के लिये घरेलू प्राथमिकताओं को संबोधित करना पड़ेगा।
मतदाताओं की असंतुष्टि मुख्य रूप से ट्रम्प के घरेलू एजेंडे से जुड़ी थी, जबकि विदेश नीति को प्राथमिकता नहीं दी गई। महंगाई, नौकरी की सुरक्षा और आप्रवासन सुधार जैसी समस्याओं को उन्होंने अपने मतदान के प्रमुख कारण बताया।
संयुक्त राज्य और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी जारी है, परन्तु प्रवासी समुदाय ने कहा कि द्विपक्षीय संबंध उनके मतदान निर्णय में द्वितीयक रहे। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने बताया कि इस समुदाय का ध्यान अपने दैनिक जीवन पर प्रभाव डालने वाली घरेलू नीतियों पर अधिक था।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव दर्शाता है कि प्रवासी मतदाता अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की बजाय स्थानीय मुद्दों को अधिक महत्व दे रहे हैं, और भविष्य में उम्मीदवारों को भारतीय अमेरिकी वोट जीतने के लिये घरेलू प्राथमिकताओं को संबोधित करना पड़ेगा।