📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Loremipsumist
बिज़नेस
भारत-यूएई व्यापार 2032 तक $200 अर्ब, ब्रिक्स निवेश से रास अल‑खैमा ज़ोन को बढ़ावा
✍️ The Economic Times
🗓 14 सित. 2026, 03:46 AM
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इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, भारत‑यूएई द्विपक्षीय व्यापार 2032 तक $200 अर्ब तक पहुँचने की संभावना है, और ब्रिक्स देशों का निवेश रास अल‑खैमा आर्थिक ज़ोन को बढ़ावा देगा।
भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2032 तक $200 अर्ब तक पहुँचने की दिशा में है, जैसा कि इकोनॉमिक टाइम्स ने बताया। हालिया वर्षों में दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के सुदृढ़ीकरण के बाद वस्तुओं और सेवाओं का विनिमय लगातार बढ़ रहा है।
वृद्धि के पीछे एक प्रमुख कारक ब्रिक्स देशों से अपेक्षित निवेश है। सदस्य राष्ट्र संयुक्त उद्यम और वित्तीय सहयोग के माध्यम से बुनियादी ढाँचा व औद्योगिक परियोजनाओं को तेज़ करने की योजना बना रहे हैं, जिससे व्यापार मार्ग और मजबूत होगा।
इस निवेश को केंद्रित करने वाला प्रमुख बिंदु रास अल‑खैमा आर्थिक ज़ोन है, जिसे यूएई ने भारतीय कंपनियों के लिए क्षेत्रीय प्रवेश द्वार के रूप में विकसित किया है। इस ज़ोन में कर रियायतें, सरल कस्टम प्रक्रिया और प्रमुख समुद्री मार्गों के निकटता जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
यदि लक्ष्य हासिल हो जाता है, तो बढ़ता व्यापार दोनों देशों में आपूर्ति श्रृंखला, रोजगार सृजन और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देगा, जो व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते के बाद से लगातार मजबूत हो रहा है।
वृद्धि के पीछे एक प्रमुख कारक ब्रिक्स देशों से अपेक्षित निवेश है। सदस्य राष्ट्र संयुक्त उद्यम और वित्तीय सहयोग के माध्यम से बुनियादी ढाँचा व औद्योगिक परियोजनाओं को तेज़ करने की योजना बना रहे हैं, जिससे व्यापार मार्ग और मजबूत होगा।
इस निवेश को केंद्रित करने वाला प्रमुख बिंदु रास अल‑खैमा आर्थिक ज़ोन है, जिसे यूएई ने भारतीय कंपनियों के लिए क्षेत्रीय प्रवेश द्वार के रूप में विकसित किया है। इस ज़ोन में कर रियायतें, सरल कस्टम प्रक्रिया और प्रमुख समुद्री मार्गों के निकटता जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
यदि लक्ष्य हासिल हो जाता है, तो बढ़ता व्यापार दोनों देशों में आपूर्ति श्रृंखला, रोजगार सृजन और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देगा, जो व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते के बाद से लगातार मजबूत हो रहा है।