📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / PMO India
विज्ञान
भारत में चेते की नई आवास यात्रा: कुनो से कच्छ तक
✍️ IANS LIVE
🗓 10 अक्टू. 2026, 02:16 AM
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वन्यजीव अधिकारियों ने कुनो राष्ट्रीय उद्यान और गुजरात के कच्छ में छोड़े गए चेते की निगरानी शुरू की है, जो पुनर्स्थापन योजना का हिस्सा है।
सरकार की चेते पुनर्स्थापन योजना ने अब मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में प्रारम्भिक रिहाई के बाद, गुजरात के कच्छ के शुष्क घास के मैदानों में निगरानी का विस्तार किया है। जीवविज्ञानियों और वन अधिकारियों की टीमें जीपीएस कॉलर और क्षेत्रीय अवलोकन के माध्यम से इन बड़े बिल्लियों की नई पर्यावरण में अनुकूलन प्रक्रिया को ट्रैक कर रही हैं।
प्रारम्भिक फील्ड रिपोर्टों से पता चलता है कि चेते शिकार मार्ग स्थापित कर रहे हैं और क्षेत्रीय व्यवहार दिखा रहे हैं, जबकि प्रत्येक स्थान पर कितने जानवर हैं, यह अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। संरक्षण विशेषज्ञ लगातार निगरानी की आवश्यकता पर बल देते हैं, ताकि मानव‑वन्यजीव टकराव को रोका जा सके और प्रजाति की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित हो सके।
दोनों क्षेत्रों को चुनने का उद्देश्य विभिन्न आवास प्रदान करना है—कुनो की घनी सवाना और कच्छ की खुली झाड़ीदार भूमि। कुनो और कच्छ में सफलता मिलने पर देश के अन्य उपयुक्त अभयारण्यों में आगे रिहाइयों की संभावना बन सकती है।
प्रारम्भिक फील्ड रिपोर्टों से पता चलता है कि चेते शिकार मार्ग स्थापित कर रहे हैं और क्षेत्रीय व्यवहार दिखा रहे हैं, जबकि प्रत्येक स्थान पर कितने जानवर हैं, यह अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। संरक्षण विशेषज्ञ लगातार निगरानी की आवश्यकता पर बल देते हैं, ताकि मानव‑वन्यजीव टकराव को रोका जा सके और प्रजाति की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित हो सके।
दोनों क्षेत्रों को चुनने का उद्देश्य विभिन्न आवास प्रदान करना है—कुनो की घनी सवाना और कच्छ की खुली झाड़ीदार भूमि। कुनो और कच्छ में सफलता मिलने पर देश के अन्य उपयुक्त अभयारण्यों में आगे रिहाइयों की संभावना बन सकती है।