📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Finance of India
बिज़नेस
भारत ने ‘इमरजिंग इकॉनमी’ टैग छोड़कर वैश्विक मंच पर बड़ा रोल चाहता है, डीईए सचिव
✍️ TradingView
🗓 25 सित. 2026, 06:11 AM
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डीईए सचिव ने कहा कि भारत ने इमरजिंग इकॉनमी की श्रेणी से आगे बढ़ कर वैश्विक आर्थिक मंच पर बड़ा योगदान देना चाहता है।
नई दिल्ली – आर्थिक मामलों के विभाग के उप सचिव ने ट्रेडिंगव्यू को बताया कि भारत अब ‘इमरजिंग इकॉनमी’ की श्रेणी में नहीं रहा और वह वैश्विक आर्थिक ढांचे में अधिक प्रमुख भूमिका की ओर अग्रसर है।
उन्होंने कहा कि निरंतर आर्थिक विकास, बढ़ते व्यापार संबंध और वैश्विक वैल्यू चेन में बढ़ती हिस्सेदारी ने भारत की स्थिति को एक परिपक्व, उच्च‑आय वाले बाजार की ओर बदल दिया है।
अधिकारी ने यह भी बताया कि इस बदलाव से भारत को बहुपक्षीय मंचों में अधिक भागीदारी, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नियमों पर अधिक प्रभाव और आर्थिक वजन को दर्शाने वाले सुधारों को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान संकेत देता है कि भारत उन्नत अर्थव्यवस्थाओं के साथ गहरी एकीकरण की तलाश करेगा, साथ ही विकासशील देशों के हितों को वैश्विक वार्ताओं में प्रमुखता देगा।
यह टिप्पणी उन अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलनों की तैयारी के बीच आई है जहाँ भारत से अपेक्षा की जा रही है कि वह व्यापार, वित्त और जलवायु वित्त में ऐसे सुधारों की वकालत करे जो उसकी बढ़ती शक्ति के अनुरूप हों।
उन्होंने कहा कि निरंतर आर्थिक विकास, बढ़ते व्यापार संबंध और वैश्विक वैल्यू चेन में बढ़ती हिस्सेदारी ने भारत की स्थिति को एक परिपक्व, उच्च‑आय वाले बाजार की ओर बदल दिया है।
अधिकारी ने यह भी बताया कि इस बदलाव से भारत को बहुपक्षीय मंचों में अधिक भागीदारी, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नियमों पर अधिक प्रभाव और आर्थिक वजन को दर्शाने वाले सुधारों को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान संकेत देता है कि भारत उन्नत अर्थव्यवस्थाओं के साथ गहरी एकीकरण की तलाश करेगा, साथ ही विकासशील देशों के हितों को वैश्विक वार्ताओं में प्रमुखता देगा।
यह टिप्पणी उन अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलनों की तैयारी के बीच आई है जहाँ भारत से अपेक्षा की जा रही है कि वह व्यापार, वित्त और जलवायु वित्त में ऐसे सुधारों की वकालत करे जो उसकी बढ़ती शक्ति के अनुरूप हों।