📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Information and Broadcasting
विदेश
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में भारत ने 100% टैरिफ की चिंता जताई
✍️ The Economic Times
🗓 30 सित. 2026, 01:16 AM
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भारत ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को बताया कि कुछ भारतीय वस्तुओं पर 100% टैरिफ का प्रस्ताव गंभीर चिंता का कारण है और वाशिंगटन से पुनर्विचार की अपील की।
नई दिल्ली – संयुक्त राज्य अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक में भारतीय अधिकारियों ने कुछ निर्यात वस्तुओं पर प्रस्तावित 100% टैरिफ को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। अधिकारियों ने इस कदम को द्विपक्षीय व्यापार के लिए बाधक बताया और अंतिम निर्णय से पहले रचनात्मक संवाद की मांग की।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने बताया कि इतनी भारी ड्यूटी मौजूदा बाजार पहुंच को कमजोर कर सकती है और उन क्षेत्रों को प्रभावित कर सकती है जो अमेरिकी बाजार पर निर्भर हैं। अमेरिकी वाणिज्य विभाग के प्रतिनिधियों से टैरिफ के पीछे के कारणों की स्पष्टता और व्यापार असंतुलन को सुलझाने के वैकल्पिक उपायों पर चर्चा करने को कहा गया।
दोनों पक्षों ने संवाद के मार्ग खुले रखने और आने वाले कुछ हफ्तों में फॉलो‑अप बैठकें तय करने पर सहमति जताई। भारत ने नियम‑आधारित बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और इस मुद्दे को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए वाशिंगटन के साथ सहयोग करने की इच्छा जताई।
अभी तक कोई अंतिम समाधान नहीं निकला, पर इस संवाद से भारत‑अमेरिका के व्यापार वार्तालापों के अगले चरण पर असर पड़ेगा, जो 2023 के व्यापार समझौते के नवीनीकरण के बाद से जारी हैं।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने बताया कि इतनी भारी ड्यूटी मौजूदा बाजार पहुंच को कमजोर कर सकती है और उन क्षेत्रों को प्रभावित कर सकती है जो अमेरिकी बाजार पर निर्भर हैं। अमेरिकी वाणिज्य विभाग के प्रतिनिधियों से टैरिफ के पीछे के कारणों की स्पष्टता और व्यापार असंतुलन को सुलझाने के वैकल्पिक उपायों पर चर्चा करने को कहा गया।
दोनों पक्षों ने संवाद के मार्ग खुले रखने और आने वाले कुछ हफ्तों में फॉलो‑अप बैठकें तय करने पर सहमति जताई। भारत ने नियम‑आधारित बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और इस मुद्दे को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए वाशिंगटन के साथ सहयोग करने की इच्छा जताई।
अभी तक कोई अंतिम समाधान नहीं निकला, पर इस संवाद से भारत‑अमेरिका के व्यापार वार्तालापों के अगले चरण पर असर पड़ेगा, जो 2023 के व्यापार समझौते के नवीनीकरण के बाद से जारी हैं।