📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / azugaldia
विदेश
भारत ने यूएन मानचित्र में अरुणाचल प्रदेश और अकसाई चिन को चीन के रूप में दिखाने पर विरोध जताया
✍️ LawStreet Journal
🗓 11 सित. 2026, 04:04 AM
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भारत ने संयुक्त राष्ट्र के नए विश्व मानचित्र में अरुणाचल प्रदेश और अकसाई चिन को चीन के हिस्से के रूप में दिखाने पर औपचारिक आपत्ति जताई है।
संयुक्त राष्ट्र ने हाल ही में एक अद्यतन विश्व मानचित्र जारी किया, जिसमें भारतीय अधिकारियों के अनुसार अरुणाचल प्रदेश और अकसाई चिन को चीन के हिस्से के रूप में दर्शाया गया है। भारत ने तुरंत इन चित्रणों को गलत बताया, क्योंकि दोनों क्षेत्रों पर चीन के साथ लंबी सीमा विवाद चल रहा है।
अरुणाचल प्रदेश, जिसे भारत ने 1950 से प्रशासनिक रूप से संभाला है, को चीन तिब्बत के हिस्से के रूप में दावा करता है, जबकि अकसाई चिन को चीन ने नियंत्रित किया है लेकिन भारत इसे लद्दाख का हिस्सा मानता है। ये दोनों क्षेत्र दशकों से भारत‑चीन संबंधों में तनाव के बिंदु रहे हैं, और मानचित्र में उनका चित्रण कूटनीतिक महत्व रखता है।
इस पर भारत ने संयुक्त राष्ट्र से स्पष्टीकरण माँगा और मानचित्र में सुधार की मांग की है, ताकि अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड की शुद्धता बनी रहे और द्विपक्षीय संवाद में किसी भी प्रकार की गलतफहमी न उत्पन्न हो।
अरुणाचल प्रदेश, जिसे भारत ने 1950 से प्रशासनिक रूप से संभाला है, को चीन तिब्बत के हिस्से के रूप में दावा करता है, जबकि अकसाई चिन को चीन ने नियंत्रित किया है लेकिन भारत इसे लद्दाख का हिस्सा मानता है। ये दोनों क्षेत्र दशकों से भारत‑चीन संबंधों में तनाव के बिंदु रहे हैं, और मानचित्र में उनका चित्रण कूटनीतिक महत्व रखता है।
इस पर भारत ने संयुक्त राष्ट्र से स्पष्टीकरण माँगा और मानचित्र में सुधार की मांग की है, ताकि अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड की शुद्धता बनी रहे और द्विपक्षीय संवाद में किसी भी प्रकार की गलतफहमी न उत्पन्न हो।