📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Indian Navy
बिज़नेस
भारत-न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौता एक महीने में लागू, मंत्री ने कहा
✍️ Asianet Newsable
🗓 19 सित. 2026, 01:31 PM
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एक वरिष्ठ मंत्री ने बताया कि भारत-न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौता अगले तीस दिनों में लागू हो जाएगा, जिससे द्विपक्षीय व्यापार ढांचा तेजी से शुरू होगा।
नई दिल्ली – एक वरिष्ठ मंत्री के बयान के अनुसार, न्यूज़ीलैंड के साथ वार्ता में तैयार किया गया मुक्त व्यापार समझौता अगले महीने के भीतर लागू हो जाएगा। दोनों पक्षों द्वारा सहमत तेज़ कार्यान्वयन शेड्यूल इस घोषणा में स्पष्ट है।
इस समझौते से कई वस्तुओं पर शुल्क समाप्त हो जाएगा, सेवा क्षेत्रों में बाजार पहुँच बढ़ेगी और भारतीय निर्यातकों को डेयरी, फल‑सब्ज़ी और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में नए अवसर मिलेंगे। न्यूज़ीलैंड के प्रतिनिधियों ने भी भारतीय बाजार में अपने कृषि और विनिर्माण निर्यात के लिए समान लाभों की ओर इशारा किया है।
व्यापार विश्लेषकों का मानना है कि यह समझौता द्विपक्षीय व्यापार के वार्षिक लगभग 5 अर्ब डॉलर के स्तर को बढ़ा सकता है, आपूर्ति श्रृंखला के एकीकरण को सुदृढ़ कर और निवेश प्रवाह को प्रोत्साहित कर। मंत्री ने कहा कि आवश्यक कानूनी औपचारिकताएँ शीघ्र ही पूरी हो जाएँगी, जिससे तिमाही के अंत से पहले समझौता सक्रिय हो सकेगा।
कार्यान्वयन की देखरेख वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय न्यूज़ीलैंड के व्यापार मंत्रालय के साथ मिलकर करेगा, ताकि निर्धारित समय‑सीमा और नियामक मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
इस समझौते से कई वस्तुओं पर शुल्क समाप्त हो जाएगा, सेवा क्षेत्रों में बाजार पहुँच बढ़ेगी और भारतीय निर्यातकों को डेयरी, फल‑सब्ज़ी और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में नए अवसर मिलेंगे। न्यूज़ीलैंड के प्रतिनिधियों ने भी भारतीय बाजार में अपने कृषि और विनिर्माण निर्यात के लिए समान लाभों की ओर इशारा किया है।
व्यापार विश्लेषकों का मानना है कि यह समझौता द्विपक्षीय व्यापार के वार्षिक लगभग 5 अर्ब डॉलर के स्तर को बढ़ा सकता है, आपूर्ति श्रृंखला के एकीकरण को सुदृढ़ कर और निवेश प्रवाह को प्रोत्साहित कर। मंत्री ने कहा कि आवश्यक कानूनी औपचारिकताएँ शीघ्र ही पूरी हो जाएँगी, जिससे तिमाही के अंत से पहले समझौता सक्रिय हो सकेगा।
कार्यान्वयन की देखरेख वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय न्यूज़ीलैंड के व्यापार मंत्रालय के साथ मिलकर करेगा, ताकि निर्धारित समय‑सीमा और नियामक मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।