📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Subhankar.Wiki
खेल
राजपाल ने कहा: दिसंबर के बाद भारत डेविस कप से बाहर, खिलाड़ी‑केन्द्रित सुधारों की जरूरत
✍️ The Economic Times
🗓 27 सित. 2026, 04:33 AM
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भारतीय टेनिस प्रबंधक राजपाल ने दिसंबर के बाद डेविस कप से बाहर निकलने का संकेत दिया और खिलाड़ियों के हितों पर आधारित सुधारों की मांग की।
ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन (एआईटीए) के प्रमुख राजपाल ने कहा कि दिसंबर के मैच के बाद भारत डेविस कप से बाहर निकल सकता है, क्योंकि खेल में मौजूदा ढाँचा खिलाड़ियों की जरूरतों को पूरा नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय टेनिस को आगे बढ़ाने के लिए खिलाड़ी‑केन्द्रित व्यापक सुधार आवश्यक है।
राजपाल ने द इकॉनॉमिक टाइम्स को दी गई अपनी टिप्पणी में बताया कि प्रतिभा विकास के स्पष्ट मार्गों की कमी, वित्तीय सहायता का अपर्याप्त होना और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैचों में सीमित अवसर प्रमुख समस्याएँ हैं। उन्होंने प्रशासनिक निकायों से खिलाड़ियों के साथ मिलकर प्रशिक्षण, फंडिंग और चयन प्रक्रिया को पुनः व्यवस्थित करने का आग्रह किया।
डैविस कप से बाहर निकलने का अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया गया है, परन्तु इस बयान ने टेनिस के हितधारकों के बीच भविष्य की रणनीति पर चर्चा को तेज कर दिया है। एआईटीए अगले कुछ हफ़्तों में कोच, खिलाड़ी और प्रायोजकों के साथ एक बैठक आयोजित करने की योजना बना रहा है, जिसमें प्रस्तावित सुधारों पर विचार किया जाएगा।
यदि इन सुधारों को लागू किया गया, तो यह खेल प्रशासन को पुनः आकार दे सकता है, भविष्य के टूर्नामेंटों में प्रदर्शन को बेहतर बना सकता है और उभरते खिलाड़ियों के विश्वास को पुनर्स्थापित कर सकता है।
राजपाल ने द इकॉनॉमिक टाइम्स को दी गई अपनी टिप्पणी में बताया कि प्रतिभा विकास के स्पष्ट मार्गों की कमी, वित्तीय सहायता का अपर्याप्त होना और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैचों में सीमित अवसर प्रमुख समस्याएँ हैं। उन्होंने प्रशासनिक निकायों से खिलाड़ियों के साथ मिलकर प्रशिक्षण, फंडिंग और चयन प्रक्रिया को पुनः व्यवस्थित करने का आग्रह किया।
डैविस कप से बाहर निकलने का अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया गया है, परन्तु इस बयान ने टेनिस के हितधारकों के बीच भविष्य की रणनीति पर चर्चा को तेज कर दिया है। एआईटीए अगले कुछ हफ़्तों में कोच, खिलाड़ी और प्रायोजकों के साथ एक बैठक आयोजित करने की योजना बना रहा है, जिसमें प्रस्तावित सुधारों पर विचार किया जाएगा।
यदि इन सुधारों को लागू किया गया, तो यह खेल प्रशासन को पुनः आकार दे सकता है, भविष्य के टूर्नामेंटों में प्रदर्शन को बेहतर बना सकता है और उभरते खिलाड़ियों के विश्वास को पुनर्स्थापित कर सकता है।