📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gpkp
देश
भारत ने 15 अगस्त 1947 को 12 बजे मध्यरात्रि में स्वतंत्रता प्राप्त की
✍️ Telangana Today
🗓 15 अग. 2026, 04:36 AM
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भारत ने 15 अगस्त 1947 को ठीक 12 बजे मध्यरात्रि में स्वतंत्रता प्राप्त की, जो देश के इतिहास में एक प्रतीकात्मक 'मुहूर्त' बन गया है।
भारत की स्वतंत्रता 15 अगस्त 1947 को मध्यरात्रि के सटीक समय पर घोषित की गई, जिसने 200 वर्षों के ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन का अंत किया। 12 बजे की घड़ी पर समारोह आयोजित करने का निर्णय पारंपरिक हिंदू अवधारणा के अनुसार नई शुरुआत के प्रतीक के रूप में लिया गया।
समारोह में, अंतिम गवर्नर-जनरल वी. पी. मेनन ने संसद भवन के बालकनी से भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम का पाठ किया। भारत का ध्वज पहली बार फहराया गया, और राष्ट्रीय गान बजाया गया, जिससे एक संप्रभु राष्ट्र का जन्म प्रतीकात्मक रूप से हुआ।
मध्यरात्रि का यह मुहूर्त तब से सांस्कृतिक प्रतीक बन गया है, जिसे वार्षिक रूप से ध्वजारोहण, परेड और देशभक्ति कार्यक्रमों के साथ मनाया जाता है। यह उस क्षण की महत्ता को रेखांकित करता है जब भारत ने एक स्वतंत्र गणराज्य के रूप में उभर कर आया।
उस मध्यरात्रि की विरासत आज भी भारत के राजनीतिक और सामाजिक कथानक को प्रभावित करती है, नागरिकों को स्वतंत्रता के लिए किए गए बलिदानों और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने की जिम्मेदारी की याद दिलाती है।
समारोह में, अंतिम गवर्नर-जनरल वी. पी. मेनन ने संसद भवन के बालकनी से भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम का पाठ किया। भारत का ध्वज पहली बार फहराया गया, और राष्ट्रीय गान बजाया गया, जिससे एक संप्रभु राष्ट्र का जन्म प्रतीकात्मक रूप से हुआ।
मध्यरात्रि का यह मुहूर्त तब से सांस्कृतिक प्रतीक बन गया है, जिसे वार्षिक रूप से ध्वजारोहण, परेड और देशभक्ति कार्यक्रमों के साथ मनाया जाता है। यह उस क्षण की महत्ता को रेखांकित करता है जब भारत ने एक स्वतंत्र गणराज्य के रूप में उभर कर आया।
उस मध्यरात्रि की विरासत आज भी भारत के राजनीतिक और सामाजिक कथानक को प्रभावित करती है, नागरिकों को स्वतंत्रता के लिए किए गए बलिदानों और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने की जिम्मेदारी की याद दिलाती है।