📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / DRDO
रक्षा
भारत ने मिसाइल परीक्षण बुनियादी ढाँचा विस्तारित किया
✍️ Rediff
🗓 15 सित. 2026, 03:37 AM
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रक्षा मंत्रालय ने भारत की रणनीतिक क्षमताओं को सुदृढ़ करने हेतु मिसाइल परीक्षण सुविधाओं के विस्तार की घोषणा की।
नई दिल्ली – रक्षा मंत्रालय ने बताया कि भारत अपने मिसाइल परीक्षण बुनियादी ढाँचे को विस्तारित कर रहा है, जिससे रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ किया जा सकेगा। इस विस्तार में नए लॉन्च पैड जोड़ना और मौजूदा परीक्षण रेंजों को विस्तारित करना शामिल है, जिससे विभिन्न प्रकार की मिसाइल प्रणालियों का नियंत्रित वातावरण में परीक्षण संभव होगा।
अधिकारियों ने कहा कि उन्नत सुविधाएँ स्वदेशी परियोजनाओं और सहयोगी कार्यक्रमों दोनों को समर्थन देंगी, जिससे विभिन्न पथ और दूरी की आवश्यकता वाले परीक्षणों के लिए अधिक लचीलापन मिलेगा। परीक्षण माहौल को बेहतर बनाकर, रक्षा विभाग भविष्य की हथियार प्रणालियों के विकास चक्र को कम करने और विश्वसनीयता बढ़ाने की आशा रखता है।
रणनीतिक विश्लेषकों ने इस कदम को क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य में बदलाव के जवाब में देखा है, जो यह दर्शाता है कि भारत अपने आधुनिक और विश्वसनीय मिसाइल शस्त्रागार को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। विस्तारित बुनियादी ढाँचा अगले कुछ वर्षों में कार्यात्मक होने की उम्मीद है, जो स्वनिर्भर रक्षा क्षमताओं के व्यापक लक्ष्य के साथ मेल खाता है।
अधिकारियों ने कहा कि उन्नत सुविधाएँ स्वदेशी परियोजनाओं और सहयोगी कार्यक्रमों दोनों को समर्थन देंगी, जिससे विभिन्न पथ और दूरी की आवश्यकता वाले परीक्षणों के लिए अधिक लचीलापन मिलेगा। परीक्षण माहौल को बेहतर बनाकर, रक्षा विभाग भविष्य की हथियार प्रणालियों के विकास चक्र को कम करने और विश्वसनीयता बढ़ाने की आशा रखता है।
रणनीतिक विश्लेषकों ने इस कदम को क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य में बदलाव के जवाब में देखा है, जो यह दर्शाता है कि भारत अपने आधुनिक और विश्वसनीय मिसाइल शस्त्रागार को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। विस्तारित बुनियादी ढाँचा अगले कुछ वर्षों में कार्यात्मक होने की उम्मीद है, जो स्वनिर्भर रक्षा क्षमताओं के व्यापक लक्ष्य के साथ मेल खाता है।