📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Overseas Indian Affairs
देश
छोटे क्लिनिक और अस्पताल की चूक पर अब जेल नहीं, सरकार का बड़ा नियामकीय सुधार
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 26 जून 2026, 07:01 AM
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केंद्र सरकार ने अस्पतालों और क्लीनिकों को बड़ी राहत देते हुए एक महत्वपूर्ण नियामकीय सुधार की घोषणा की है, जिसमें छोटी चूकों को अब अपराध नहीं माना जाएगा।
स्वास्थ्य सुविधाओं पर पड़ने वाले बोझ को कम करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक बड़ा नियामकीय सुधार किया है।
इस सुधार के तहत, क्लीनिकों और अस्पतालों द्वारा की जाने वाली छोटी-मोटी चूकों और अनजाने में हुई गलतियों को संबोधित किया गया है। पहले, ऐसी छोटी खामियों के कारण स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को जेल जाने तक की नौबत आ सकती थी।
नए नियम इन छोटी चूकों के लिए अधिक उदार दृष्टिकोण अपनाने का संकेत देते हैं। इसका उद्देश्य गैर-गंभीर त्रुटियों के लिए चिकित्सा प्रतिष्ठानों पर अनुचित कठिनाई को रोकना है। अब इन छोटी समस्याओं के लिए जेल की सज़ा के बजाय अन्य प्रकार के दंड पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
इस सुधार के तहत, क्लीनिकों और अस्पतालों द्वारा की जाने वाली छोटी-मोटी चूकों और अनजाने में हुई गलतियों को संबोधित किया गया है। पहले, ऐसी छोटी खामियों के कारण स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को जेल जाने तक की नौबत आ सकती थी।
नए नियम इन छोटी चूकों के लिए अधिक उदार दृष्टिकोण अपनाने का संकेत देते हैं। इसका उद्देश्य गैर-गंभीर त्रुटियों के लिए चिकित्सा प्रतिष्ठानों पर अनुचित कठिनाई को रोकना है। अब इन छोटी समस्याओं के लिए जेल की सज़ा के बजाय अन्य प्रकार के दंड पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।