📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Nskjnv
रक्षा
भारत ने पुष्टि की, अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ नहीं, रिपोर्ट बताती है
✍️ The Times of India
🗓 12 अग. 2026, 11:34 AM
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भारतीय अधिकारियों द्वारा जारी नवीनतम रिपोर्ट ने पुष्टि की कि अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ नहीं है। यह बयान सोशल मीडिया पर उठी दावों के बाद आया, जिन्हें अधिकारियों ने ध्यान आकर्षित करने का प्रयास बताया।
भारतीय सरकार ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है, जिसमें पुष्टि की गई है कि अरुणाचल प्रदेश की सीमाओं पर चीनी बलों की कोई घुसपैठ नहीं है। यह घोषणा सोशल मीडिया पर उठे दावों के जवाब में की गई, जिसमें चीनी आक्रमण का आरोप लगाया गया था।
रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट में खुफिया और निगरानी डेटा का हवाला देते हुए कहा गया है कि क्षेत्र में किसी भी अनधिकृत चीनी उपस्थिति का कोई प्रमाण नहीं है। रिपोर्ट ने शांतिपूर्ण सीमा प्रबंधन को बनाए रखने के लिए चल रहे कूटनीतिक प्रयासों पर भी प्रकाश डाला है।
अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर फैले इन दावों को "ध्यान आकर्षित करने का प्रयास" बताया और जनता को राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित जानकारी के लिए सत्यापित स्रोतों पर भरोसा करने का आग्रह किया। यह बयान गलत सूचना को रोकने और राज्य के निवासियों को उनकी सुरक्षा के बारे में आश्वस्त करने के उद्देश्य से जारी किया गया।
अरुणाचल प्रदेश, जो चीन के साथ लंबी सीमा साझा करता है, द्विपक्षीय वार्ताओं में एक प्रमुख विषय रहा है। सरकार क्षेत्र की निगरानी जारी रखती है और किसी भी शेष मुद्दों को हल करने के लिए चीन के साथ संवाद करती रहती है।
रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट में खुफिया और निगरानी डेटा का हवाला देते हुए कहा गया है कि क्षेत्र में किसी भी अनधिकृत चीनी उपस्थिति का कोई प्रमाण नहीं है। रिपोर्ट ने शांतिपूर्ण सीमा प्रबंधन को बनाए रखने के लिए चल रहे कूटनीतिक प्रयासों पर भी प्रकाश डाला है।
अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर फैले इन दावों को "ध्यान आकर्षित करने का प्रयास" बताया और जनता को राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित जानकारी के लिए सत्यापित स्रोतों पर भरोसा करने का आग्रह किया। यह बयान गलत सूचना को रोकने और राज्य के निवासियों को उनकी सुरक्षा के बारे में आश्वस्त करने के उद्देश्य से जारी किया गया।
अरुणाचल प्रदेश, जो चीन के साथ लंबी सीमा साझा करता है, द्विपक्षीय वार्ताओं में एक प्रमुख विषय रहा है। सरकार क्षेत्र की निगरानी जारी रखती है और किसी भी शेष मुद्दों को हल करने के लिए चीन के साथ संवाद करती रहती है।