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28 सित. 2026•
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यूक्रेन युद्ध के बीच भारत का रूसी तेल आयात और अमेरिकी टैरिफ़ों का संतुलन
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Neeshu30
बिज़नेस

यूक्रेन युद्ध के बीच भारत का रूसी तेल आयात और अमेरिकी टैरिफ़ों का संतुलन

✍️ Business Today 🗓 28 सित. 2026, 01:46 PM 👁 11
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भारत सरकार रूसी तेल की आपूर्ति जारी रखते हुए यूक्रेन‑रूस युद्ध से जुड़े अमेरिकी टैरिफ़ों के दबाव को संतुलित कर रही है।

नई दिल्ली रूस‑यूक्रेन युद्ध के कारण बदलते वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक कठिन संतुलन बना रही है। कई पश्चिमी देशों के रूसी कच्चे तेल के आयात को सीमित करने के बावजूद, किफायती तेल की बढ़ती माँग को देखते हुए भारत अभी भी रूस के प्रमुख खरीदारों में से एक है।

भारतीय अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय ऊर्जा सुरक्षा की रणनीतिक आवश्यकता पर आधारित है, न कि रूस की कार्रवाइयों की राजनीतिक स्वीकृति पर। वहीं, संयुक्त राज्य अमेरिका ने कुछ रूसी ऊर्जा उत्पादों पर टैरिफ़ लगा दिया है, जिससे रूसी तेल के निरंतर आयात पर अतिरिक्त लागत का खतरा बनता है।

सरकार इस प्रकार अपनी नीति को समायोजित कर रही है: रूसी तेल की आपूर्ति जारी रखी जा रही है, टैरिफ़ के प्रभाव को कूटनीतिक माध्यमों से कम करने की कोशिश की जा रही है, और व्यापक भू‑राजनीतिक मुद्दों पर पश्चिम के साथ सहयोग करने की इच्छा जताई जा रही है। विश्लेषकों का मानना है कि नीति में कोई बदलाव युद्ध की दिशा और अमेरिका‑भारत व्यापार वार्ताओं के विकास पर निर्भर करेगा।

अभी के लिए यह संतुलन भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करने और बढ़ती भू‑राजनीतिक संवेदनशीलताओं के बीच चल रही चुनौती को दर्शाता है।
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