📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ginevrajocosa88
सरकारी योजना
भारत ने इलेक्ट्रिक व सीजीएन नीति के साथ रिक्शा और मोटरसाइकिल चालकों को सब्सिडी की घोषणा की
✍️ The Times of India
🗓 18 जुल. 2026, 09:16 AM
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भारतीय सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और संपीड़ित प्राकृतिक गैस (सीजीएन) के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए नई नीति शुरू करने की घोषणा की है, जिसमें रिक्शा संचालकों और मोटरसाइकिल चालकों को सब्सिडी दी जाएगी।
भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्रालय ने भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) और संपीड़ित प्राकृतिक गैस (सीजीएन) के उपयोग को तेज़ करने के लिए एक व्यापक नीति का खुलासा किया है। इस योजना के तहत रिक्शा संचालकों और मोटरसाइकिल चालकों को वित्तीय प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे पेट्रोल और डीज़ल से स्वच्छ ईंधन की ओर बदलाव को बढ़ावा मिलेगा।
इस योजना के अंतर्गत रिक्शा चालकों को उनके वाहनों को इलेक्ट्रिक या सीजीएन में बदलने की लागत का एक हिस्सा कवर करने वाली सब्सिडी मिलेगी, जबकि मोटरसाइकिल चालकों को अपनी बाइक खरीदने या रेट्रोफ़िट करने के लिए अनुदान मिलेगा। सरकार का अनुमान है कि इस नीति से पाँच वर्षों के भीतर शहरी वायु प्रदूषण में 20% तक की कमी हो सकती है।
नीति में सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए भी सब्सिडी का प्रावधान है, विशेषकर प्रमुख शहरों में। अधिकारी कहते हैं कि यह कदम भारत के जलवायु प्रतिबद्धताओं को पूरा करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि सब्सिडी से घरेलू ईवी निर्माण क्षेत्र में वृद्धि होगी और हरित प्रौद्योगिकी आपूर्ति श्रृंखला में नई नौकरियाँ पैदा होंगी।
इस योजना के अंतर्गत रिक्शा चालकों को उनके वाहनों को इलेक्ट्रिक या सीजीएन में बदलने की लागत का एक हिस्सा कवर करने वाली सब्सिडी मिलेगी, जबकि मोटरसाइकिल चालकों को अपनी बाइक खरीदने या रेट्रोफ़िट करने के लिए अनुदान मिलेगा। सरकार का अनुमान है कि इस नीति से पाँच वर्षों के भीतर शहरी वायु प्रदूषण में 20% तक की कमी हो सकती है।
नीति में सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए भी सब्सिडी का प्रावधान है, विशेषकर प्रमुख शहरों में। अधिकारी कहते हैं कि यह कदम भारत के जलवायु प्रतिबद्धताओं को पूरा करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि सब्सिडी से घरेलू ईवी निर्माण क्षेत्र में वृद्धि होगी और हरित प्रौद्योगिकी आपूर्ति श्रृंखला में नई नौकरियाँ पैदा होंगी।