📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / President's Secretariat
रक्षा
भारत‑फ़िजी ने रक्षा, समुद्री सहयोग को मजबूत किया, नेत्र उद्योग में साझेदारी
✍️ Asianet Newsable
🗓 29 सित. 2026, 04:38 AM
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भारत और फ़िजी ने रक्षा‑समुद्री सहयोग को बढ़ाने और नेत्र उद्योग में संयुक्त पहल करने का संकल्प लिया।
नई दिल्ली और सुवा ने द्विपक्षीय संवाद किया, जिसमें दोनों देशों के बीच सुरक्षा और आर्थिक संबंधों को सुदृढ़ करने पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने प्रशांत क्षेत्र में रक्षा सहयोग को बढ़ाने के रणनीतिक महत्व को रेखांकित किया।
वार्ता के दौरान, अधिकारियों ने संयुक्त नौसैनिक अभ्यास बढ़ाने और समुद्री निगरानी को सुदृढ़ करने के प्रस्ताव रखे, ताकि समुद्री मार्गों की सुरक्षा और अवैध गतिविधियों को रोका जा सके। साथ ही, नौसेना क्षमताओं को उन्नत करने हेतु प्रशिक्षण और प्रौद्योगिकी के आदान‑प्रदान पर भी चर्चा हुई।
सुरक्षा मुद्दों के साथ, दोनों देशों ने नेत्र‑देखभाल क्षेत्र में सहयोग की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने चिकित्सा विशेषज्ञता के आदान‑प्रदान और नेत्र उपकरणों के संयुक्त उत्पादन के संभावित प्रोजेक्ट्स का अन्वेषण करने का संकल्प लिया।
इन पहलों को औपचारिक रूप देने के लिए आने वाले हफ़्तों में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है, जिससे रक्षा, समुद्री और स्वास्थ्य‑संबंधी क्षेत्रों में गहरा सहयोग स्थापित होगा।
वार्ता के दौरान, अधिकारियों ने संयुक्त नौसैनिक अभ्यास बढ़ाने और समुद्री निगरानी को सुदृढ़ करने के प्रस्ताव रखे, ताकि समुद्री मार्गों की सुरक्षा और अवैध गतिविधियों को रोका जा सके। साथ ही, नौसेना क्षमताओं को उन्नत करने हेतु प्रशिक्षण और प्रौद्योगिकी के आदान‑प्रदान पर भी चर्चा हुई।
सुरक्षा मुद्दों के साथ, दोनों देशों ने नेत्र‑देखभाल क्षेत्र में सहयोग की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने चिकित्सा विशेषज्ञता के आदान‑प्रदान और नेत्र उपकरणों के संयुक्त उत्पादन के संभावित प्रोजेक्ट्स का अन्वेषण करने का संकल्प लिया।
इन पहलों को औपचारिक रूप देने के लिए आने वाले हफ़्तों में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है, जिससे रक्षा, समुद्री और स्वास्थ्य‑संबंधी क्षेत्रों में गहरा सहयोग स्थापित होगा।