📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pahari Sahib
रक्षा
केरल में भारत‑ऑस्ट्रेलिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू
✍️ News18
🗓 23 अक्टू. 2026, 04:02 AM
👁 23
केरल में शुरू हुए भारत‑ऑस्ट्रेलिया के संयुक्त अभ्यास ‘ऑस्ट्राहिंद 2026’ दोनों देशों के रक्षा सहयोग को और मजबूत करते हैं।
भारत‑ऑस्ट्रेलिया का संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘ऑस्ट्राहिंद 2026’ इस सप्ताह के शुरुआती दिनों में केरल में शुरू हुआ, जिसमें दोनों देशों के सैनिक, विमान और नौसैनिक इकाइयाँ शामिल हैं। यह अभ्यास दोनों देशों के रणनीतिक साझेदारी के तहत आयोजित किया गया है और भूमि, वायु तथा समुद्री क्षेत्रों में पारस्परिक सहयोग को सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखता है।
भारतीय सेना के पादत्राण बटालियन, भारतीय नौसेना का पश्चिमी बेड़ा तथा ऑस्ट्रेलियाई सेना और रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी की इकाइयों ने भाग लिया है। प्रशिक्षण में तटस्थ लैंडिंग, संयुक्त वायु‑से‑भूमि संचालन और समन्वित समुद्री गश्त जैसे परिदृश्य शामिल हैं, जो क्षेत्रीय सुरक्षा और आपदा राहत की तत्परता को दर्शाते हैं।
नई दिल्ली और कैनबरा के रक्षा अधिकारियों ने कहा कि यह अभ्यास मुक्त और खुला इंडो‑पैसिफिक क्षेत्र सुनिश्चित करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि संयुक्त प्रशिक्षण से रणनीतिक तालमेल बढ़ेगा, आपसी भरोसा मजबूत होगा और उभरते खतरों के खिलाफ सामूहिक प्रतिक्रिया क्षमता में सुधार होगा।
आगे के चरणों में न्यूज़ीलैंड को पर्यवेक्षक के रूप में आमंत्रित किया गया है, जो इस अभ्यास में बहुपक्षीय रुचि को दर्शाता है, पर मुख्य गतिविधियाँ भारत‑ऑस्ट्रेलिया सहयोग पर ही केंद्रित रहेंगी।
भारतीय सेना के पादत्राण बटालियन, भारतीय नौसेना का पश्चिमी बेड़ा तथा ऑस्ट्रेलियाई सेना और रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी की इकाइयों ने भाग लिया है। प्रशिक्षण में तटस्थ लैंडिंग, संयुक्त वायु‑से‑भूमि संचालन और समन्वित समुद्री गश्त जैसे परिदृश्य शामिल हैं, जो क्षेत्रीय सुरक्षा और आपदा राहत की तत्परता को दर्शाते हैं।
नई दिल्ली और कैनबरा के रक्षा अधिकारियों ने कहा कि यह अभ्यास मुक्त और खुला इंडो‑पैसिफिक क्षेत्र सुनिश्चित करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि संयुक्त प्रशिक्षण से रणनीतिक तालमेल बढ़ेगा, आपसी भरोसा मजबूत होगा और उभरते खतरों के खिलाफ सामूहिक प्रतिक्रिया क्षमता में सुधार होगा।
आगे के चरणों में न्यूज़ीलैंड को पर्यवेक्षक के रूप में आमंत्रित किया गया है, जो इस अभ्यास में बहुपक्षीय रुचि को दर्शाता है, पर मुख्य गतिविधियाँ भारत‑ऑस्ट्रेलिया सहयोग पर ही केंद्रित रहेंगी।