📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann (talk)
राजनीति
राजस्थान नगर निकाय चुनाव में निर्दलीयों ने भाजपा‑कांग्रेस को दिया धक्का
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 14 सित. 2026, 05:01 PM
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राजस्थान के कई नगरों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल कर भाजपा और कांग्रेस दोनों के मतों में कटौती की।
राजस्थान में हाल ही में सम्पन्न नगर निकाय चुनावों में कई शहरों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने आश्चर्यजनक सफलता दर्ज की। जयपुर, जोधपुर, बीकानेर जैसे शहरी क्षेत्रों में मतदाता दो मुख्य राष्ट्रीय दलों की बजाय स्थानीय स्तर पर बिना किसी पार्टी के खड़े उम्मीदवारों को चुन रहे थे।
अंतिम परिणामों में कई नगर निगमों में निर्दलीयों ने सबसे अधिक वोट प्राप्त कर भाजपा और कांग्रेस दोनों को पीछे छोड़ दिया। इससे दोनों दलों के सीटों का प्रतिशत घटा और स्थानीय शक्ति संरचना में बदलाव आया।
विश्लेषकों का कहना है कि यह परिणाम मतदाताओं की स्थापित दलों से थकान और स्वतंत्र उम्मीदवारों के प्रति बढ़ते भरोसे को दर्शाता है, और निकायों में गठबंधन बनाते समय निर्दलीयों की किंगमेकर भूमिका को उजागर करता है। भाजपा और कांग्रेस को अब शासकीय बहुमत सुनिश्चित करने के लिये निर्दलीय काउंसिलरों के साथ समझौते करने पड़ेंगे।
चुनाव आयोग ने चयनित प्रतिनिधियों के शपथ ग्रहण को अक्टूबर के शुरुआती सप्ताह में निर्धारित किया है, जिसके बाद गठबंधन चर्चाएँ तेज़ी से आगे बढ़ने की संभावना है।
अंतिम परिणामों में कई नगर निगमों में निर्दलीयों ने सबसे अधिक वोट प्राप्त कर भाजपा और कांग्रेस दोनों को पीछे छोड़ दिया। इससे दोनों दलों के सीटों का प्रतिशत घटा और स्थानीय शक्ति संरचना में बदलाव आया।
विश्लेषकों का कहना है कि यह परिणाम मतदाताओं की स्थापित दलों से थकान और स्वतंत्र उम्मीदवारों के प्रति बढ़ते भरोसे को दर्शाता है, और निकायों में गठबंधन बनाते समय निर्दलीयों की किंगमेकर भूमिका को उजागर करता है। भाजपा और कांग्रेस को अब शासकीय बहुमत सुनिश्चित करने के लिये निर्दलीय काउंसिलरों के साथ समझौते करने पड़ेंगे।
चुनाव आयोग ने चयनित प्रतिनिधियों के शपथ ग्रहण को अक्टूबर के शुरुआती सप्ताह में निर्धारित किया है, जिसके बाद गठबंधन चर्चाएँ तेज़ी से आगे बढ़ने की संभावना है।