📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / stevepb
बिज़नेस
हिमाचल और जम्मू‑कश्मीर में आयकर ट्रिब्यूनल ने कैंप ऑफिस खोले, बैकलॉग घटे
✍️ A2Z Taxcorp LLP
🗓 05 नव. 2026, 09:02 PM
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आयकर अपीलीय ट्रिब्यूनल ने हिमाचल प्रदेश और जम्मू‑कश्मीर में कैंप ऑफिस खोले, जिससे लंबित मामलों की संख्या 3 लाख से घटकर 60,000 रह गई।
आयकर अपीलीय ट्रिब्यूनल ने हिमाचल प्रदेश और जम्मू‑कश्मीर में अस्थायी कैंप ऑफिस स्थापित किए हैं। यह कदम करदाताओं को नजदीकी न्यायिक सुविधा प्रदान करने और दिल्ली के मुख्य ट्रिब्यूनल में यात्रा व समय की बाधा को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
ट्रिब्यूनल के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, लंबित अपीलों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट आई है; पहले लगभग तीन लाख मामलों से घटकर अब लगभग साठ हजार रह गई है। यह कमी क्षेत्रीय स्तर पर मामलों के तेज़ निपटारे और पहुंच में सुधार का परिणाम है।
ट्रिब्यूनल के अधिकारियों ने बताया कि कैंप ऑफिस नियमित रूप से कार्य करेंगे, जिससे पक्षकार दस्तावेज़ दाखिल कर सकेंगे, सुनवाई में भाग ले सकेंगे और बिना देर के अपडेट प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल मुख्य बेंच के बोझ को कम करने और कर विवाद निपटारे की दक्षता बढ़ाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
कर सलाहकारों सहित कई हितधारकों ने इस कदम का स्वागत किया है, यह मानते हुए कि इससे व्यवसायों और व्यक्तियों दोनों के लिए मुकदमेबाजी लागत घटेगी और विवादों का निपटारा तेज़ होगा।
ट्रिब्यूनल के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, लंबित अपीलों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट आई है; पहले लगभग तीन लाख मामलों से घटकर अब लगभग साठ हजार रह गई है। यह कमी क्षेत्रीय स्तर पर मामलों के तेज़ निपटारे और पहुंच में सुधार का परिणाम है।
ट्रिब्यूनल के अधिकारियों ने बताया कि कैंप ऑफिस नियमित रूप से कार्य करेंगे, जिससे पक्षकार दस्तावेज़ दाखिल कर सकेंगे, सुनवाई में भाग ले सकेंगे और बिना देर के अपडेट प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल मुख्य बेंच के बोझ को कम करने और कर विवाद निपटारे की दक्षता बढ़ाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
कर सलाहकारों सहित कई हितधारकों ने इस कदम का स्वागत किया है, यह मानते हुए कि इससे व्यवसायों और व्यक्तियों दोनों के लिए मुकदमेबाजी लागत घटेगी और विवादों का निपटारा तेज़ होगा।