📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / the International Monetary Fund
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IMF ने 2026‑27 में भारत की आर्थिक वृद्धि 7% बताई, विश्व में प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शीर्ष
✍️ NDTV
🗓 13 अक्टू. 2026, 09:39 AM
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IMF की नवीनतम विश्व आर्थिक दृष्टि में भारत की 2026‑27 की वृद्धि 7% तक बढ़ा दी गई, जिससे वह प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज़ी से बढ़ती बनी रहेगी।
अंतर्राष्ट्रीय मौद्रिक कोष (IMF) ने अपनी नवीनतम विश्व आर्थिक दृष्टि में भारत की जीडीपी वृद्धि को 2026 और 2027 दोनों वर्षों के लिए 7.0% तक बढ़ा दिया है। इस संशोधित अनुमान के साथ भारत प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में वार्षिक विस्तार दर के हिसाब से सबसे आगे है।
IMF “प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं” को उन बड़े, बाजार‑उन्मुख देशों के रूप में परिभाषित करता है जो वैश्विक व्यापार और निवेश में प्रमुख भूमिका निभाते हैं। नई अनुमान के अनुसार भारत संयुक्त राज्य, चीन और यूरोज़ोन जैसे अन्य G20 सदस्य देशों से तेज़ी से बढ़ रहा है, जिनकी वृद्धि दर अपेक्षाकृत धीमी रहने की संभावना है।
कोष ने इस सकारात्मक दृष्टिकोण को घरेलू उपभोग की मजबूती, सेवाओं के क्षेत्र की स्थिरता और चल रहे संरचनात्मक सुधारों को श्रेय दिया है, जो व्यावसायिक माहौल को बेहतर बना रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अनुमान विदेशी निवेश को और आकर्षित कर सकता है और नीति निर्माताओं को वृद्धि की गति बनाए रखने में मदद करेगा।
पहले के पूर्वानुमान इस अवधि के लिए थोड़ा कम थे, परन्तु IMF के नवीनतम डेटा ने बेहतर प्रदर्शन संकेतकों और उभरते बाजारों के लिए अधिक आशावादी वैश्विक माहौल को दर्शाया है।
IMF “प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं” को उन बड़े, बाजार‑उन्मुख देशों के रूप में परिभाषित करता है जो वैश्विक व्यापार और निवेश में प्रमुख भूमिका निभाते हैं। नई अनुमान के अनुसार भारत संयुक्त राज्य, चीन और यूरोज़ोन जैसे अन्य G20 सदस्य देशों से तेज़ी से बढ़ रहा है, जिनकी वृद्धि दर अपेक्षाकृत धीमी रहने की संभावना है।
कोष ने इस सकारात्मक दृष्टिकोण को घरेलू उपभोग की मजबूती, सेवाओं के क्षेत्र की स्थिरता और चल रहे संरचनात्मक सुधारों को श्रेय दिया है, जो व्यावसायिक माहौल को बेहतर बना रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अनुमान विदेशी निवेश को और आकर्षित कर सकता है और नीति निर्माताओं को वृद्धि की गति बनाए रखने में मदद करेगा।
पहले के पूर्वानुमान इस अवधि के लिए थोड़ा कम थे, परन्तु IMF के नवीनतम डेटा ने बेहतर प्रदर्शन संकेतकों और उभरते बाजारों के लिए अधिक आशावादी वैश्विक माहौल को दर्शाया है।