📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / APK
विदेश
आईएमएफ ने भारत के सांख्यिकीय सुधारों को समर्थन दिया, जीडीपी विश्वसनीयता पर चर्चा के बीच
✍️ India Today
🗓 11 सित. 2026, 02:19 PM
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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत के सांख्यिकीय सुधारों का समर्थन किया, जीडीपी की विश्वसनीयता पर उठे सवालों के बीच।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत के सांख्यिकीय ढांचे को सुधारने के प्रयास का सार्वजनिक रूप से समर्थन किया, जिसका उद्देश्य जीडीपी डेटा की विश्वसनीयता को बढ़ाना है।
भारत ने एक नई सांख्यिकीय एजेंसी स्थापित की है और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अद्यतन पद्धतियों को अपनाने जा रहा है। इन सुधारों में बेहतर डेटा संग्रह, बढ़ी हुई पारदर्शिता और राज्य सरकारों के साथ सघन समन्वय शामिल हैं।
यह कदम जीडीपी आंकड़ों की विश्वसनीयता पर चल रही बहस के बीच आया है, जिन पर अधिक अनुमान लगाने के आरोप लगे हैं। IMF की सिफारिशों के साथ तालमेल बिठाकर भारत इन चिंताओं को दूर करने और अधिक सटीक आर्थिक संकेतक प्रदान करने का लक्ष्य रखता है।
एक मजबूत सांख्यिकीय प्रणाली निवेशक विश्वास को बढ़ाने, नीति निर्माण में सहायता करने और वैश्विक आर्थिक आकलनों में देश की स्थिति सुधारने की उम्मीद है।
भारत ने एक नई सांख्यिकीय एजेंसी स्थापित की है और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अद्यतन पद्धतियों को अपनाने जा रहा है। इन सुधारों में बेहतर डेटा संग्रह, बढ़ी हुई पारदर्शिता और राज्य सरकारों के साथ सघन समन्वय शामिल हैं।
यह कदम जीडीपी आंकड़ों की विश्वसनीयता पर चल रही बहस के बीच आया है, जिन पर अधिक अनुमान लगाने के आरोप लगे हैं। IMF की सिफारिशों के साथ तालमेल बिठाकर भारत इन चिंताओं को दूर करने और अधिक सटीक आर्थिक संकेतक प्रदान करने का लक्ष्य रखता है।
एक मजबूत सांख्यिकीय प्रणाली निवेशक विश्वास को बढ़ाने, नीति निर्माण में सहायता करने और वैश्विक आर्थिक आकलनों में देश की स्थिति सुधारने की उम्मीद है।