📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rasnaboy
मौसम
आईएमडी 2027 तक चेन्नई पोर्ट रडार बदलेगा, तमिलनाडु में चार नई मौसम इकाइयाँ स्थापित करेगा
✍️ The Times of India
🗓 04 अक्टू. 2026, 05:02 AM
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भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 2027 तक चेन्नई पोर्ट के पुराने रडार को बदलने और तमिलनाडु में चार नए रडार स्थापित करने की योजना बताई।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने तमिलनाडु में अपने तटीय मौसम निरीक्षण नेटवर्क को आधुनिकीकरण करने की योजना घोषित की है। चेन्नई पोर्ट पर स्थित पुराना रडार, जो कई दशकों से कार्यरत है, 2027 तक नई, अत्याधुनिक प्रणाली से बदल दिया जाएगा।
नए रडार में उन्नत डॉप्लर तकनीक, उच्च रेज़ोल्यूशन इमेजिंग और स्वचालित डेटा प्रोसेसिंग शामिल होगी, जिससे बंगाल की खाड़ी में चक्रवात और तीव्र तूफानों की शीघ्र चेतावनी व छोटे‑समय के पूर्वानुमान की सटीकता में सुधार होगा।
चेन्नई रडार के साथ, आईएमडी राज्य भर में चार अतिरिक्त रडार इकाइयों की स्थापना करेगा। जबकि सटीक स्थान अभी तय नहीं हुए हैं, इन इकाइयों का उद्देश्य मौजूदा कवरेज में अंतर को पाटना और पश्चिमी तट से लेकर आंतरिक क्षेत्रों तक निरंतर मौसम निगरानी प्रदान करना है।
अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना के लिए केंद्रीय आपदा प्रबंधन बजट से वित्त पोषण होगा और यह घरेलू प्रौद्योगिकी साझेदारों के सहयोग से पूरी की जाएगी। नई सुविधाओं का कार्यान्वयन दशक के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है, जिससे तमिलनाडु के नागरिकों, समुद्री परिवहन और कृषि क्षेत्र के लिए अधिक भरोसेमंद मौसम सेवाएँ उपलब्ध होंगी।
नए रडार में उन्नत डॉप्लर तकनीक, उच्च रेज़ोल्यूशन इमेजिंग और स्वचालित डेटा प्रोसेसिंग शामिल होगी, जिससे बंगाल की खाड़ी में चक्रवात और तीव्र तूफानों की शीघ्र चेतावनी व छोटे‑समय के पूर्वानुमान की सटीकता में सुधार होगा।
चेन्नई रडार के साथ, आईएमडी राज्य भर में चार अतिरिक्त रडार इकाइयों की स्थापना करेगा। जबकि सटीक स्थान अभी तय नहीं हुए हैं, इन इकाइयों का उद्देश्य मौजूदा कवरेज में अंतर को पाटना और पश्चिमी तट से लेकर आंतरिक क्षेत्रों तक निरंतर मौसम निगरानी प्रदान करना है।
अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना के लिए केंद्रीय आपदा प्रबंधन बजट से वित्त पोषण होगा और यह घरेलू प्रौद्योगिकी साझेदारों के सहयोग से पूरी की जाएगी। नई सुविधाओं का कार्यान्वयन दशक के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है, जिससे तमिलनाडु के नागरिकों, समुद्री परिवहन और कृषि क्षेत्र के लिए अधिक भरोसेमंद मौसम सेवाएँ उपलब्ध होंगी।