📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Srvkumar09
अपराध
पूर्वी दिल्ली में अवैध रंगाई इकाइयों ने यमुना में जहरीले रसायन छोड़े
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 07 सित. 2026, 10:30 PM
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वीडियो में दिख रहा है कि पूर्वी दिल्ली में रोक के बावजूद रंगाई इकाइयाँ चल रही हैं और यमुना में जहरीले रसायन डाल रही हैं।
स्थानीय मीडिया द्वारा प्राप्त वीडियो में दिखाया गया है कि पूर्वी दिल्ली में कई रंगाई इकाइयाँ नगर निगम के प्रतिबंध के बावजूद सक्रिय हैं। फुटेज में ट्रकों और ड्रमों को अस्थायी सुविधाओं से गुजरते हुए देखा गया, जहाँ से यमुना में जुड़ने वाले नालों में रंगीन अपशिष्ट बह रहा है।
प्राधिकरणों ने इस महीने की शुरुआत में भारी धातुओं और वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों के स्तर में वृद्धि के बाद प्रतिबंध लगाया था। पर्यावरण अधिकारियों ने चेतावनी दी थी कि निरंतर डंपिंग से नदी की पहले से ही गंभीर प्रदूषण स्थिति और बिगड़ सकती है, जिससे नीचे स्थित क्षेत्रों पर असर पड़ेगा।
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने इस अवैध गतिविधि को रोकने के लिए अचानक निरीक्षण अभियान शुरू कर दिया है। अधिकारी बताते हैं कि वे उपकरण जब्त करेंगे, जुर्माना लगाएंगे और प्रतिबंध तोड़ने वाले मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। यह कदम आगे के प्रदूषण को रोकने और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए उठाया गया है।
स्थानीय निवासियों ने, जो दैनिक कार्यों के लिए यमुना पर निर्भर हैं, संभावित स्वास्थ्य जोखिमों को लेकर चिंता जताई है, क्योंकि पहले भी औद्योगिक अपशिष्ट के कारण जलजनित रोगों की घटनाएँ दर्ज हुई हैं। सामुदायिक समूहों ने कड़ी निगरानी और त्वरित कार्यवाही की मांग की है।
यह स्थिति राजधानी को औद्योगिक गतिविधियों और पर्यावरणीय सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की चुनौती को उजागर करती है, खासकर जब यमुना लाखों नागरिकों के जीवनधारा बनी हुई है।
प्राधिकरणों ने इस महीने की शुरुआत में भारी धातुओं और वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों के स्तर में वृद्धि के बाद प्रतिबंध लगाया था। पर्यावरण अधिकारियों ने चेतावनी दी थी कि निरंतर डंपिंग से नदी की पहले से ही गंभीर प्रदूषण स्थिति और बिगड़ सकती है, जिससे नीचे स्थित क्षेत्रों पर असर पड़ेगा।
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने इस अवैध गतिविधि को रोकने के लिए अचानक निरीक्षण अभियान शुरू कर दिया है। अधिकारी बताते हैं कि वे उपकरण जब्त करेंगे, जुर्माना लगाएंगे और प्रतिबंध तोड़ने वाले मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। यह कदम आगे के प्रदूषण को रोकने और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए उठाया गया है।
स्थानीय निवासियों ने, जो दैनिक कार्यों के लिए यमुना पर निर्भर हैं, संभावित स्वास्थ्य जोखिमों को लेकर चिंता जताई है, क्योंकि पहले भी औद्योगिक अपशिष्ट के कारण जलजनित रोगों की घटनाएँ दर्ज हुई हैं। सामुदायिक समूहों ने कड़ी निगरानी और त्वरित कार्यवाही की मांग की है।
यह स्थिति राजधानी को औद्योगिक गतिविधियों और पर्यावरणीय सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की चुनौती को उजागर करती है, खासकर जब यमुना लाखों नागरिकों के जीवनधारा बनी हुई है।