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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निर्दोष भाई को चार दिन थाने में रखने पर पुलिस से ₹40 हजार वसूली का आदेश दिया
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फरार आरोपी को पकड़ने के लिए निर्दोष भाई को चार दिन थाने में रखने पर पुलिस से ₹40,000 की वसूली का आदेश दिया, साथ ही पुलिसकर्मियों के रिकॉर्ड में दंडात्मक नोटिस लगाने का निर्देश भी दिया।
फरार आरोपी को पकड़ने के उद्देश्य से उसके निर्दोष भाई को चार दिन तक थाने में रखा गया। परिवार ने इस कार्रवाई के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुना गया।
हाईकोर्ट ने निर्दोष व्यक्ति को अवैध रूप से हिरासत में रखने पर सख्त रुख अपनाया और आदेश दिया कि पुलिसकर्मियों से ₹40,000 की भरपाई उनके वेतन से की जाएगी।
साथ ही, अदालत ने निर्देश दिया कि संबंधित पुलिसकर्मियों के इस आचरण को उनके सर्विस रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए।
इस आदेश से स्पष्ट होता है कि फरार आरोपी की तलाश या उसे सरेंडर कराने के नाम पर निर्दोष परिजनों को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखना स्वीकार्य नहीं है, और ऐसी कार्रवाई के लिए जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
अदालत का यह निर्णय पुलिस के कार्यवाही में जवाबदेही और निर्दोष लोगों के अधिकारों के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश देता है।
हाईकोर्ट ने निर्दोष व्यक्ति को अवैध रूप से हिरासत में रखने पर सख्त रुख अपनाया और आदेश दिया कि पुलिसकर्मियों से ₹40,000 की भरपाई उनके वेतन से की जाएगी।
साथ ही, अदालत ने निर्देश दिया कि संबंधित पुलिसकर्मियों के इस आचरण को उनके सर्विस रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए।
इस आदेश से स्पष्ट होता है कि फरार आरोपी की तलाश या उसे सरेंडर कराने के नाम पर निर्दोष परिजनों को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखना स्वीकार्य नहीं है, और ऐसी कार्रवाई के लिए जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
अदालत का यह निर्णय पुलिस के कार्यवाही में जवाबदेही और निर्दोष लोगों के अधिकारों के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश देता है।