📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Iitj123
टेक्नोलॉजी
आईआईटी जोधपुर ने हिमाचल के छात्र की ड्रोन प्रतियोगिता पंजीकरण को अस्वीकार, फंडिंग दावे की जांच
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 03 नव. 2026, 12:00 PM
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आईआईटी जोधपुर ने हिमाचल के छात्र सर्वेश शर्मा की ड्रोन प्रतियोगिता पंजीकरण को अस्वीकार कर दिया, उनके 3.5 करोड़ रुपये के फंडिंग दावे और संभावित साइबर धोखाधड़ी को लेकर जांच जारी है।
हिमाचल के हमीरपुर के छात्र सर्वेश शर्मा ने एक ड्रोन प्रोजेक्ट का प्रस्ताव राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए आईआईटी जोधपुर को भेजा।
संस्थागत जांच के बाद जोधपुर स्थित आईआईटी ने उनका पंजीकरण अस्वीकार कर दिया, क्योंकि प्रस्तुत दस्तावेज़ में कई संदेहास्पद बिंदु पाए गए। विशेष रूप से 3.5 करोड़ रुपये की फंडिंग का दावा स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो सका।
आईआईटी ने इस मामले को अपने आंतरिक ऑडिट और साइबर‑क्राइम एजेंसियों को सौंप दिया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि फंडिंग का दावा वास्तविक है या धोखाधड़ी का हिस्सा। संस्थान ने सभी प्रतिभागियों से पारदर्शी वित्तीय और तकनीकी मानदंडों का पालन करने की मांग की है।
ड्रोन प्रोजेक्ट की तकनीकी विवरण या फंड के स्रोत के बारे में अभी तक कोई अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध नहीं हुई है, और सर्वेश शर्मा ने इस आरोप पर सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है।
यह घटना भारत में उभरती तकनीकों, विशेषकर ड्रोन जैसी उन्नत तकनीकों के उच्च‑मूल्य वाले प्रोजेक्ट्स की बढ़ती जांच को दर्शाती है।
संस्थागत जांच के बाद जोधपुर स्थित आईआईटी ने उनका पंजीकरण अस्वीकार कर दिया, क्योंकि प्रस्तुत दस्तावेज़ में कई संदेहास्पद बिंदु पाए गए। विशेष रूप से 3.5 करोड़ रुपये की फंडिंग का दावा स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो सका।
आईआईटी ने इस मामले को अपने आंतरिक ऑडिट और साइबर‑क्राइम एजेंसियों को सौंप दिया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि फंडिंग का दावा वास्तविक है या धोखाधड़ी का हिस्सा। संस्थान ने सभी प्रतिभागियों से पारदर्शी वित्तीय और तकनीकी मानदंडों का पालन करने की मांग की है।
ड्रोन प्रोजेक्ट की तकनीकी विवरण या फंड के स्रोत के बारे में अभी तक कोई अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध नहीं हुई है, और सर्वेश शर्मा ने इस आरोप पर सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है।
यह घटना भारत में उभरती तकनीकों, विशेषकर ड्रोन जैसी उन्नत तकनीकों के उच्च‑मूल्य वाले प्रोजेक्ट्स की बढ़ती जांच को दर्शाती है।