📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Piyakapadia
अपराध
आईआईटी बॉम्बे के प्रोफेसर डूला ने जाति संबंधी टिप्पणी से इनकार, नियमों का पालन बताया
✍️ The Economic Times
🗓 04 अक्टू. 2026, 06:39 AM
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आईआईटी बॉम्बे के प्रोफेसर डूला ने क्राइम ब्रांच को बताया कि उन्होंने नियमों का पालन किया और जातिवादी शब्दों के उपयोग से इनकार किया।
आईआईटी बॉम्बे के प्रोफेसर डूला पर जातिवादी भाषा प्रयोग के आरोप लगने के बाद उन्होंने क्राइम ब्रांच के समक्ष बयान दिया। रिकॉर्डेड पूछताछ में उन्होंने कहा कि उन्होंने संस्थान के समावेशी संचार दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन किया है और कभी भी कोई जाति‑आधारित अपशब्द नहीं कहा।
डूला ने यह भी बताया कि उनके सभी व्याख्यान और बातचीत को विश्वविद्यालय की भेदभाव‑रोधी नीतियों के अनुसार जांचा जाता है और वे जाति‑भेदभाव के प्रति शून्य सहिष्णुता रखते हैं। उनका यह बयान उच्च शिक्षा संस्थानों में संभावित जाति‑भेदभाव की व्यापक जांच के हिस्से के रूप में लिया गया है।
क्राइम ब्रांच ने बताया कि जांच जारी है और वह कक्षा रिकॉर्डिंग, छात्र गवाहियों सहित सभी साक्ष्य की समीक्षा करेगा, इससे पहले कि कोई निष्कर्ष निकाला जाए। अभी तक कोई औपचारिक आरोप नहीं लगाया गया है।
यह घटना शैक्षणिक माहौल में जाति‑संवेदनशीलता पर नई चर्चा को जन्म दे रही है, जिससे कई विश्वविद्यालयों ने अपने स्टाफ और छात्रों के लिए प्रशिक्षण मॉड्यूल की पुनः समीक्षा करने का संकेत दिया है।
डूला ने यह भी बताया कि उनके सभी व्याख्यान और बातचीत को विश्वविद्यालय की भेदभाव‑रोधी नीतियों के अनुसार जांचा जाता है और वे जाति‑भेदभाव के प्रति शून्य सहिष्णुता रखते हैं। उनका यह बयान उच्च शिक्षा संस्थानों में संभावित जाति‑भेदभाव की व्यापक जांच के हिस्से के रूप में लिया गया है।
क्राइम ब्रांच ने बताया कि जांच जारी है और वह कक्षा रिकॉर्डिंग, छात्र गवाहियों सहित सभी साक्ष्य की समीक्षा करेगा, इससे पहले कि कोई निष्कर्ष निकाला जाए। अभी तक कोई औपचारिक आरोप नहीं लगाया गया है।
यह घटना शैक्षणिक माहौल में जाति‑संवेदनशीलता पर नई चर्चा को जन्म दे रही है, जिससे कई विश्वविद्यालयों ने अपने स्टाफ और छात्रों के लिए प्रशिक्षण मॉड्यूल की पुनः समीक्षा करने का संकेत दिया है।