📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Jay Dixit
मनोरंजन
IFFJK ने जम्मू-कश्मीर को वैश्विक सिनेमा मानचित्र पर लाने का लक्ष्य रखा, दुल्लू ने कहा
✍️ Daily Excelsior
🗓 08 सित. 2026, 09:36 AM
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इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ जम्मू एंड कश्मीर (IFFJK) ने क्षेत्र की सिनेमा को विश्व स्तर पर पेश करने की अपनी महत्वाकांक्षा का खुलासा किया, दुल्लू ने कहा।
इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ जम्मू एंड कश्मीर (IFFJK) ने प्रदेश की फिल्म इंडस्ट्री को वैश्विक मंच पर लाने के लिए एक रणनीतिक कदम उठाने की घोषणा की है। दैनिक एक्सेलसियर को दी गई एक टिप्पणी में फेस्टिवल प्रतिनिधि दुल्लू ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं, वितरकों और समीक्षकों को आकर्षित करने के लिए कार्यक्रम का विस्तार किया जाएगा, जिससे स्थानीय प्रतिभा को व्यापक दर्शकों तक पहुँच मिल सके।
आयोजकों का इरादा है कि फेस्टिवल में अधिक विश्व प्रीमियर, सह‑उत्पादन बाजार और उद्योग कार्यशालाएँ शामिल की जाएँ। प्रतिष्ठित सिनेमा हस्तियों को आमंत्रित करके और नेटवर्किंग के अवसर प्रदान करके IFFJK क्षेत्रीय कहानियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों तक उठाने का लक्ष्य रखता है।
यह पहल सांस्कृतिक पर्यटन को पुनर्जीवित करने और जम्मू‑कश्मीर के खूबसूरत स्थलों को फिल्म शूटिंग के आकर्षक स्थान के रूप में प्रमोट करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। उम्मीद है कि इस बढ़ी हुई दृश्यता से न केवल फिल्म निर्माताओं को बल्कि आतिथ्य और स्थानीय कारीगरी जैसे सहायक क्षेत्रों को भी लाभ होगा।
विस्तृत कार्यक्रम अभी जारी नहीं किए गए हैं, लेकिन फेस्टिवल इस साल के अंत में आयोजित होने वाला है, जिसमें क्षेत्रीय क्लासिक्स के साथ‑साथ समकालीन कृतियों की भी प्रदर्शनी होगी। राज्य पर्यटन और सांस्कृतिक विभागों के साथ समन्वय करके प्रतिभागियों की सुरक्षा और लॉजिस्टिक समर्थन सुनिश्चित किया जा रहा है।
सफलता मिलने पर IFFJK का यह कदम जम्मू‑कश्मीर की सिनेमा को विश्व मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान दिला सकता है, जिससे यह भारतीय फिल्म हब्स में अपनी पहचान बना सकेगा।
आयोजकों का इरादा है कि फेस्टिवल में अधिक विश्व प्रीमियर, सह‑उत्पादन बाजार और उद्योग कार्यशालाएँ शामिल की जाएँ। प्रतिष्ठित सिनेमा हस्तियों को आमंत्रित करके और नेटवर्किंग के अवसर प्रदान करके IFFJK क्षेत्रीय कहानियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों तक उठाने का लक्ष्य रखता है।
यह पहल सांस्कृतिक पर्यटन को पुनर्जीवित करने और जम्मू‑कश्मीर के खूबसूरत स्थलों को फिल्म शूटिंग के आकर्षक स्थान के रूप में प्रमोट करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। उम्मीद है कि इस बढ़ी हुई दृश्यता से न केवल फिल्म निर्माताओं को बल्कि आतिथ्य और स्थानीय कारीगरी जैसे सहायक क्षेत्रों को भी लाभ होगा।
विस्तृत कार्यक्रम अभी जारी नहीं किए गए हैं, लेकिन फेस्टिवल इस साल के अंत में आयोजित होने वाला है, जिसमें क्षेत्रीय क्लासिक्स के साथ‑साथ समकालीन कृतियों की भी प्रदर्शनी होगी। राज्य पर्यटन और सांस्कृतिक विभागों के साथ समन्वय करके प्रतिभागियों की सुरक्षा और लॉजिस्टिक समर्थन सुनिश्चित किया जा रहा है।
सफलता मिलने पर IFFJK का यह कदम जम्मू‑कश्मीर की सिनेमा को विश्व मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान दिला सकता है, जिससे यह भारतीय फिल्म हब्स में अपनी पहचान बना सकेगा।