📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rajarshi MITRA from Mumbai, India
नौकरी
आईएएस राजर्षि मीत्र को पश्चिम बंगाल के DCO/DCR के रूप में नियुक्त किया गया
✍️ Legend Officers
🗓 20 अक्टू. 2026, 04:16 AM
👁 15
पश्चिम बंगाल सरकार ने आईएएस अधिकारी राजर्षि मीत्र को नई डिप्टी कमिश्नर (राजस्व) के पद पर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति तुरंत प्रभावी है।
कोलकाता, 19 अक्टूबर — पश्चिम बंगाल राज्य प्रशासन ने घोषणा की कि आईएएस अधिकारी राजर्षि मीत्र को राज्य के डिप्टी कमिश्नर (राजस्व) के पद पर नियुक्त किया गया है। यह पदस्थापना नियमित कैडर पुनर्गठन का हिस्सा है, जिसमें मीत्र को राज्य भर में राजस्व प्रशासन, भूमि अभिलेख और संबंधित विधायी कार्यों की देखरेख करने का दायित्व सौंपा गया है।
मीत्र, 2012 बैच के आईएएस अधिकारी, ने पहले विभिन्न पदों पर कार्य किया है, जिनमें उप-डिवीजनल मजिस्ट्रेट और वित्त विभाग में वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। भूमि और राजस्व मामलों में उनका अनुभव विभाग के चल रहे सुधारों को सुदृढ़ करने की उम्मीद है।
नियुक्ति की सूचना पश्चिम बंगाल मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के माध्यम से दी गई। इस समय पदावधि या किसी अतिरिक्त पोर्टफोलियो परिवर्तन के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई।
राज्य के अधिकारियों ने बताया कि नया DCR जिला‑स्तर के राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर प्रक्रियाओं को सरल बनाएगा, पारदर्शिता बढ़ाएगा और लंबित भूमि विवादों को सुलझाएगा। यह कदम प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के सरकार के व्यापक एजेंडा के अनुरूप है।
रियल एस्टेट और कृषि क्षेत्रों के हितधारकों ने इस निर्णय का स्वागत किया है, जो मीत्र के नेतृत्व में अधिक उत्तरदायी शासन की आशा रखते हैं।
मीत्र, 2012 बैच के आईएएस अधिकारी, ने पहले विभिन्न पदों पर कार्य किया है, जिनमें उप-डिवीजनल मजिस्ट्रेट और वित्त विभाग में वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। भूमि और राजस्व मामलों में उनका अनुभव विभाग के चल रहे सुधारों को सुदृढ़ करने की उम्मीद है।
नियुक्ति की सूचना पश्चिम बंगाल मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के माध्यम से दी गई। इस समय पदावधि या किसी अतिरिक्त पोर्टफोलियो परिवर्तन के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई।
राज्य के अधिकारियों ने बताया कि नया DCR जिला‑स्तर के राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर प्रक्रियाओं को सरल बनाएगा, पारदर्शिता बढ़ाएगा और लंबित भूमि विवादों को सुलझाएगा। यह कदम प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के सरकार के व्यापक एजेंडा के अनुरूप है।
रियल एस्टेट और कृषि क्षेत्रों के हितधारकों ने इस निर्णय का स्वागत किया है, जो मीत्र के नेतृत्व में अधिक उत्तरदायी शासन की आशा रखते हैं।