📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / International Court of Arbitration / Government of
देश
जलविद्युत परियोजना बंद होने से जम्मू-कश्मीर में बिजली संकट
✍️ The Times of India
🗓 26 अग. 2026, 04:33 AM
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जम्मू-कश्मीर में एक जलविद्युत परियोजना के बंद होने से राज्यभर में बिजली की कमी उत्पन्न हुई है, जिससे अधिकारियों को त्वरित राहत उपायों की तलाश करनी पड़ रही है।
जम्मू-कश्मीर में एक जलविद्युत संयंत्र के अचानक बंद होने से राज्य की विद्युत आपूर्ति में तीव्र कमी आई है। अधिकारियों के अनुसार, इस संयंत्र का उत्पादन राज्य की कुल बिजली का एक बड़ा हिस्सा था, और इसकी अनुपलब्धता से उपभोक्ताओं को पहले ही आपूर्ति में कमी का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य के विद्युत वितरण कंपनियों ने कमी को संतुलित करने के लिए लोड‑शेडिंग शेड्यूल लागू कर दिया है, जिसमें आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि आवासीय उपयोगकर्ताओं को अंतराल के साथ बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। इंजीनियर वैकल्पिक स्रोतों, जैसे थर्मल और नवीकरणीय ऊर्जा, को बढ़ाने की संभावना का मूल्यांकन कर रहे हैं ताकि प्रभाव को कम किया जा सके।
इस बंद होने से राज्य के जलविद्युत-निर्भर ग्रिड की विश्वसनीयता को लेकर चिंताएँ भी बढ़ गई हैं, विशेषकर पीक मांग के समय। सरकार ने मरम्मत कार्य को तेज करने और स्थिर आपूर्ति बहाल करने के लिए अतिरिक्त आपातकालीन योजनाओं को लागू करने का वचन दिया है।
नागरिकों से अपील की गई है कि वे बिजली की बचत करें और किसी भी गंभीर व्यवधान की सूचना स्थानीय विद्युत बोर्ड को दें, जो इस संकट को सुलझाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहा है।
राज्य के विद्युत वितरण कंपनियों ने कमी को संतुलित करने के लिए लोड‑शेडिंग शेड्यूल लागू कर दिया है, जिसमें आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि आवासीय उपयोगकर्ताओं को अंतराल के साथ बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। इंजीनियर वैकल्पिक स्रोतों, जैसे थर्मल और नवीकरणीय ऊर्जा, को बढ़ाने की संभावना का मूल्यांकन कर रहे हैं ताकि प्रभाव को कम किया जा सके।
इस बंद होने से राज्य के जलविद्युत-निर्भर ग्रिड की विश्वसनीयता को लेकर चिंताएँ भी बढ़ गई हैं, विशेषकर पीक मांग के समय। सरकार ने मरम्मत कार्य को तेज करने और स्थिर आपूर्ति बहाल करने के लिए अतिरिक्त आपातकालीन योजनाओं को लागू करने का वचन दिया है।
नागरिकों से अपील की गई है कि वे बिजली की बचत करें और किसी भी गंभीर व्यवधान की सूचना स्थानीय विद्युत बोर्ड को दें, जो इस संकट को सुलझाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहा है।