📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sumita Roy Dutta
अपराध
एचपी उच्च न्यायालय ने कहा: दोनों पक्ष अन्य लोगों से विवाहित होने पर बलात्कार अपराध नहीं
✍️ Bar and Bench
🗓 11 सित. 2026, 06:33 PM
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हिमाचल प्रदेश के उच्च न्यायालय ने निर्णय दिया कि यदि दोनों पक्ष अन्य लोगों से विवाहित हैं और बलात्कार का दावा विवाह के वादे पर आधारित है, तो यह अपराध नहीं माना जाएगा।
एक हालिया सुनवाई में, हिमाचल प्रदेश के उच्च न्यायालय ने निर्णय दिया कि यदि दोनों पक्ष अन्य लोगों से विवाहित हैं और बलात्कार का दावा विवाह के वादे पर आधारित है, तो यह अपराध नहीं माना जाएगा।
इस मामले में, न्यायालय ने कथित यौन आक्रमण के आसपास की परिस्थितियों की जाँच की, यह नोट करते हुए कि दोनों पक्ष अलग-अलग जीवनसाथियों से विवाहित थे और घटना से पहले विवाह का वादा किया गया था।
न्यायालय ने माना कि वर्तमान कानूनी ढाँचे के तहत, विवाह का वादा गैर‑सहमति के तत्व को समाप्त कर सकता है, इसलिए यह कार्य अपराध नहीं था।
बार एंड बेंच द्वारा रिपोर्ट की गई यह निर्णय समान मामलों के निपटान पर प्रभाव डाल सकती है और कानूनी विद्वानों व नागरिक समाज समूहों के बीच चर्चा को जन्म देती है।
इस मामले में, न्यायालय ने कथित यौन आक्रमण के आसपास की परिस्थितियों की जाँच की, यह नोट करते हुए कि दोनों पक्ष अलग-अलग जीवनसाथियों से विवाहित थे और घटना से पहले विवाह का वादा किया गया था।
न्यायालय ने माना कि वर्तमान कानूनी ढाँचे के तहत, विवाह का वादा गैर‑सहमति के तत्व को समाप्त कर सकता है, इसलिए यह कार्य अपराध नहीं था।
बार एंड बेंच द्वारा रिपोर्ट की गई यह निर्णय समान मामलों के निपटान पर प्रभाव डाल सकती है और कानूनी विद्वानों व नागरिक समाज समूहों के बीच चर्चा को जन्म देती है।