📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sumita Roy Dutta
अपराध
एचपी में चेक बाउंस के 15‑दिन के भुगतान अवधि की पूर्वकालिक समाप्ति पर शिकायत दर्ज
✍️ Live Law
🗓 05 अक्टू. 2026, 02:01 PM
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हिमाचल प्रदेश में एक शिकायत दर्ज की गई है, जिसमें दावा है कि चेक बाउंस के लिए 15‑दिन की भुगतान अवधि पूर्वकालिक है और सेवा को समय से पहले मान्य किया गया है।
हिमाचल प्रदेश के एक न्यायालय में एक औपचारिक शिकायत दर्ज की गई है, जिसमें नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत मान्य सेवा के समय पर सवाल उठाया गया है। शिकायतकर्ता का तर्क है कि चेक बाउंस के लिए 15‑दिन की भुगतान अवधि को पूर्वकालिक रूप से समाप्त माना गया है, जिससे सेवा समय से पहले ही लागू हो गई है।
शिकायत में दावा किया गया है कि न्यायालय का मान्य सेवा का प्रयोग प्रक्रियागत सुरक्षा को तोड़ता है, जो देयक को निर्धारित समय सीमा के भीतर चेक निपटाने का अधिकार देता है। यह निर्णय को पुनः समीक्षा करने और देयक पर लगाए गए किसी भी दंड को उलटने की मांग करता है।
कानून के अनुसार, चेक तभी मान्य माना जाता है जब 15‑दिन की अवधि समाप्त हो जाती है, जब तक कि देयक पहले कार्रवाई न करे। शिकायतकर्ता का कहना है कि न्यायालय का समय से पहले मान्य सेवा का प्रयोग इस वैधानिक प्रावधान को कमजोर करता है।
यदि न्यायालय शिकायत को स्वीकार करता है, तो यह पूरे भारत में समान मामलों में मान्य सेवा के लागू होने के तरीके के लिए एक मिसाल कायम कर सकता है, जिससे चेक बाउंस दंड के प्रवर्तन पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
शिकायत में दावा किया गया है कि न्यायालय का मान्य सेवा का प्रयोग प्रक्रियागत सुरक्षा को तोड़ता है, जो देयक को निर्धारित समय सीमा के भीतर चेक निपटाने का अधिकार देता है। यह निर्णय को पुनः समीक्षा करने और देयक पर लगाए गए किसी भी दंड को उलटने की मांग करता है।
कानून के अनुसार, चेक तभी मान्य माना जाता है जब 15‑दिन की अवधि समाप्त हो जाती है, जब तक कि देयक पहले कार्रवाई न करे। शिकायतकर्ता का कहना है कि न्यायालय का समय से पहले मान्य सेवा का प्रयोग इस वैधानिक प्रावधान को कमजोर करता है।
यदि न्यायालय शिकायत को स्वीकार करता है, तो यह पूरे भारत में समान मामलों में मान्य सेवा के लागू होने के तरीके के लिए एक मिसाल कायम कर सकता है, जिससे चेक बाउंस दंड के प्रवर्तन पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।