📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Cooperation
राजनीति
अमित शाह ने जालंधर में एलान किया, 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब नशा‑मुक्त होगा
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 30 सित. 2026, 03:02 PM
👁 14
जालंधर के परागपुर में आयोजित नशा‑मुक्त महारैली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को नशा‑मुक्त बनाने का लक्ष्य घोषित किया।
नई दिल्ली – केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को जालंधर के परागपुर में आयोजित बड़े सभा में उपस्थित हुए और पंजाब में नशा मुक्त करने के विस्तृत योजना का विवरण दिया। उन्होंने कहा कि राज्य 31 दिसंबर 2029 तक नशा‑मुक्त स्थिति हासिल करेगा, जिसमें कड़ी प्रवर्तन, पुनर्वास कार्यक्रम और जनजागरूकता अभियानों को तेज़ किया जाएगा।
राज्य सरकार और केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से आयोजित इस महारैली में स्थानीय अधिकारियों और एंटी‑ड्रग NGOs के प्रतिनिधियों ने भी भाषण दिए। शाह ने हाल ही में बरामद किए गए मादक पदार्थों और ट्रैफ़िकिंग मार्गों को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती का उल्लेख किया।
उन्होंने नशा‑मुक्त केन्द्रों और युवा वर्ग के लिए कौशल विकास योजनाओं के लिए अतिरिक्त निधि की घोषणा की, तथा परिवारों और नागरिक समाज से सहयोग की अपील की। जनता को नशा‑संबंधी गतिविधियों की सूचना देने और इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद करने का आह्वान किया।
यह घोषणा पंजाब में बढ़ते नशे के दुरुपयोग की चिंताओं के बीच आई है, जहाँ पिछले वर्ष में नशे से जुड़ी गिरफ्तारी में लगातार वृद्धि देखी गई है। शाह का समय‑सीमा 2029 के अंत तक ठोस परिणाम देने का स्पष्ट लक्ष्य रखती है।
राज्य सरकार और केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से आयोजित इस महारैली में स्थानीय अधिकारियों और एंटी‑ड्रग NGOs के प्रतिनिधियों ने भी भाषण दिए। शाह ने हाल ही में बरामद किए गए मादक पदार्थों और ट्रैफ़िकिंग मार्गों को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती का उल्लेख किया।
उन्होंने नशा‑मुक्त केन्द्रों और युवा वर्ग के लिए कौशल विकास योजनाओं के लिए अतिरिक्त निधि की घोषणा की, तथा परिवारों और नागरिक समाज से सहयोग की अपील की। जनता को नशा‑संबंधी गतिविधियों की सूचना देने और इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद करने का आह्वान किया।
यह घोषणा पंजाब में बढ़ते नशे के दुरुपयोग की चिंताओं के बीच आई है, जहाँ पिछले वर्ष में नशे से जुड़ी गिरफ्तारी में लगातार वृद्धि देखी गई है। शाह का समय‑सीमा 2029 के अंत तक ठोस परिणाम देने का स्पष्ट लक्ष्य रखती है।