📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Shiv's fotografia
विज्ञान
उत्तarakhand में बढ़ती मानवीय आवाज़ से हिमालयी मोनाल ने बदले अपने स्वर
✍️ The Better India
🗓 03 अक्टू. 2026, 03:36 AM
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शोधकर्ताओं ने बताया कि उत्तarakhand के राज्य पक्षी हिमालयी मोनाल ने वन क्षेत्रों में बढ़ते मानवीय शोर के कारण अपनी आवाज़ में बदलाव किया है।
उत्तarakhand के पहाड़ी जंगलों में राज्य पक्षी हिमालयी मोनाल की आवाज़ में सूक्ष्म परिवर्तन देखा गया है। हालिया फील्ड सर्वेक्षणों से पता चलता है कि बढ़ते मानवीय शोर, जैसे पर्यटन, सड़क निर्माण और स्थानीय बस्तियों की आवाज़, के कारण मोनाल की पारंपरिक चहचहाहट अब अधिक ऊँची और छोटी हो गई है।
विज्ञानियों ने बताया कि यह बदलाव शोर के बीच संचार को प्रभावी बनाए रखने के लिए हो सकता है, परंतु प्रजनन और क्षेत्रीय रक्षा पर दीर्घकालिक प्रभाव अभी स्पष्ट नहीं हैं। यह अध्ययन दर्शाता है कि दूरस्थ वन्यजीव भी मानवीय गतिविधियों से प्रभावित हो रहे हैं।
संरक्षण समूह शोर नियंत्रण के उपायों की वकालत कर रहे हैं, जिसमें संवेदनशील आवासों के आसपास बफ़र ज़ोन बनाना और पर्यटकों की पहुँच को नियमन करना शामिल है, ताकि मोनाल के लिए आवश्यक प्राकृतिक ध्वनि माहौल बना रहे।
विज्ञानियों ने बताया कि यह बदलाव शोर के बीच संचार को प्रभावी बनाए रखने के लिए हो सकता है, परंतु प्रजनन और क्षेत्रीय रक्षा पर दीर्घकालिक प्रभाव अभी स्पष्ट नहीं हैं। यह अध्ययन दर्शाता है कि दूरस्थ वन्यजीव भी मानवीय गतिविधियों से प्रभावित हो रहे हैं।
संरक्षण समूह शोर नियंत्रण के उपायों की वकालत कर रहे हैं, जिसमें संवेदनशील आवासों के आसपास बफ़र ज़ोन बनाना और पर्यटकों की पहुँच को नियमन करना शामिल है, ताकि मोनाल के लिए आवश्यक प्राकृतिक ध्वनि माहौल बना रहे।