📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / UnpetitproleX
बिज़नेस
हिमाचल प्रदेश का ऋण 1 लाख करोड़ रुपये पार, विकास खर्च पर दबाव
✍️ PSU Watch
🗓 04 सित. 2026, 03:18 AM
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कंट्रोलर और ऑडिटर जनरल के अनुसार हिमाचल प्रदेश का कुल ऋण 1 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुँच गया है, जिससे विकास कार्यों के लिए फंडिंग पर दबाव बढ़ा है।
कंट्रोलर और ऑडिटर जनरल (CAG) ने हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिति में गंभीर गिरावट की ओर इशारा किया है, जहाँ राज्य का कुल ऋण अब 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। यह बढ़ती ऋण बोझ राज्य की विकास प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की क्षमता को सीमित कर रहा है।
CAG की रिपोर्ट के अनुसार, ऋण में इस उछाल ने विकास खर्च को घटा दिया है। बुनियादी ढाँचा, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में बजट आवंटन कम हो गया है, क्योंकि अधिक धनराशि को ऋण सेवा पर खर्च करना पड़ रहा है।
करों और गैर‑कर स्रोतों से आय में वृद्धि ऋण की बढ़ती मात्रा के साथ तालमेल नहीं बिठा पाई, जिससे वित्तीय घाटा बढ़ा है। CAG ने हिमाचल सरकार से कड़ी वित्तीय अनुशासन अपनाने और अतिरिक्त राजस्व उपायों की खोज करने का आग्रह किया है।
राज्य के अधिकारियों से उम्मीद की जा रही है कि वे विधानसभा में एक सुधार योजना पेश करेंगे, जिसमें खर्च में कटौती, कर संग्रह में सुधार और ऋण दबाव को कम करने के लिए केंद्र से सहायता प्राप्त करना शामिल होगा।
CAG की रिपोर्ट के अनुसार, ऋण में इस उछाल ने विकास खर्च को घटा दिया है। बुनियादी ढाँचा, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में बजट आवंटन कम हो गया है, क्योंकि अधिक धनराशि को ऋण सेवा पर खर्च करना पड़ रहा है।
करों और गैर‑कर स्रोतों से आय में वृद्धि ऋण की बढ़ती मात्रा के साथ तालमेल नहीं बिठा पाई, जिससे वित्तीय घाटा बढ़ा है। CAG ने हिमाचल सरकार से कड़ी वित्तीय अनुशासन अपनाने और अतिरिक्त राजस्व उपायों की खोज करने का आग्रह किया है।
राज्य के अधिकारियों से उम्मीद की जा रही है कि वे विधानसभा में एक सुधार योजना पेश करेंगे, जिसमें खर्च में कटौती, कर संग्रह में सुधार और ऋण दबाव को कम करने के लिए केंद्र से सहायता प्राप्त करना शामिल होगा।