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22 अक्टू. 2026•
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हिमाचल प्रदेश ने 2026 पोषण नीति पेश की, पारंपरिक आहार को बढ़ावा और कुपोषण से लड़ाई
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / UnpetitproleX
सरकारी योजना

हिमाचल प्रदेश ने 2026 पोषण नीति पेश की, पारंपरिक आहार को बढ़ावा और कुपोषण से लड़ाई

✍️ The News Himachal 🗓 22 अक्टू. 2026, 08:46 PM 👁 20
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हिमाचल प्रदेश सरकार ने 2026 के लिए नई पोषण नीति को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक आहार को बढ़ावा देना और कुपोषण से लड़ना है। नीति में स्थानीय खाद्य प्रथाओं को सार्वजनिक पोषण कार्यक्रमों में शामिल करने के उपाय बताए गए हैं।

हिमाचल प्रदेश सरकार ने हाल ही में 2026 के लिए एक व्यापक पोषण नीति को मंजूरी दी है, जिसे राज्यव्यापी प्रेस ब्रीफिंग में घोषित किया गया। यह नीति पारंपरिक आहार में निहित स्वदेशी अनाज, दालें और मौसमी उत्पादों के सेवन को बढ़ावा देकर कुपोषण से निपटने का लक्ष्य रखती है।

नीति के प्रमुख घटकों में स्कूल भोजन कार्यक्रमों को मजबूत करना, स्थानीय स्रोतों से प्राप्त खाद्य पदार्थों की सेवा करने वाले सामुदायिक रसोईघर को प्रोत्साहित करना, और सांस्कृतिक रूप से उपयुक्त आहार प्रथाओं पर पोषण विशेषज्ञों और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए प्रशिक्षण प्रदान करना शामिल है। प्रगति को ट्रैक करने और आवश्यकतानुसार रणनीतियों को समायोजित करने के लिए निगरानी तंत्र स्थापित किया जाएगा।

अधिकारियों का अनुमान है कि यह पहल बच्चों और गर्भवती महिलाओं में कुपोषण दरों को कम करेगी, साथ ही हिमाचल के कृषि उत्पादों की मांग बढ़ाकर स्थानीय कृषि का समर्थन करेगी। यह नीति हिमाचल की पाक विरासत के संरक्षण के साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य लक्ष्यों को जोड़ने के व्यापक प्रयास को दर्शाती है।
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