📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
राजनीति
हिमाचल प्रदेश ने जल‑भारी, प्रदूषक उद्योगों को मंजूरी नहीं दी
✍️ India Today
🗓 28 अग. 2026, 03:09 AM
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हिमाचल प्रदेश सरकार ने कहा है कि वह जल‑भारी और पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वाले उद्योगों को नई मंजूरी नहीं देगा।
शिमला में राज्य मंत्रिमंडल ने एक नीति को मंजूरी दी है, जिसके तहत जल‑भारी और प्रदूषक औद्योगिक परियोजनाओं को नई मंजूरी नहीं दी जाएगी। यह कदम हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा और घटते जल संसाधनों को लेकर बढ़ती चिंता के मद्देनज़र उठाया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि यह नीति उन क्षेत्रों को लक्षित करती है जहाँ बड़े पैमाने पर जल की आवश्यकता होती है और हानिकारक अपशिष्ट उत्पन्न होते हैं, जिन्हें राज्य के सतत विकास लक्ष्यों के साथ तालमेल नहीं माना गया। नई आवेदन पर यह लागू होगी और लंबित प्रस्तावों की भी पुनः समीक्षा की जाएगी।
उद्योग संघों ने कहा है कि इस प्रतिबंध से निवेश पर असर पड़ सकता है, पर सरकार ने कहा कि पर्यावरणीय संरक्षण को प्राथमिकता देना आवश्यक है। उन्होंने उद्यमियों से स्वच्छ प्रौद्योगिकियों को अपनाने और जल उपलब्धता वाले क्षेत्रों में परियोजनाएँ स्थापित करने का आग्रह किया।
पर्यावरण विभाग इस नीति के अनुपालन की निगरानी करेगा और नई दिशानिर्देशों के तहत बाहर रखी गई परियोजनाओं की सूची प्रकाशित करेगा।
अधिकारियों ने बताया कि यह नीति उन क्षेत्रों को लक्षित करती है जहाँ बड़े पैमाने पर जल की आवश्यकता होती है और हानिकारक अपशिष्ट उत्पन्न होते हैं, जिन्हें राज्य के सतत विकास लक्ष्यों के साथ तालमेल नहीं माना गया। नई आवेदन पर यह लागू होगी और लंबित प्रस्तावों की भी पुनः समीक्षा की जाएगी।
उद्योग संघों ने कहा है कि इस प्रतिबंध से निवेश पर असर पड़ सकता है, पर सरकार ने कहा कि पर्यावरणीय संरक्षण को प्राथमिकता देना आवश्यक है। उन्होंने उद्यमियों से स्वच्छ प्रौद्योगिकियों को अपनाने और जल उपलब्धता वाले क्षेत्रों में परियोजनाएँ स्थापित करने का आग्रह किया।
पर्यावरण विभाग इस नीति के अनुपालन की निगरानी करेगा और नई दिशानिर्देशों के तहत बाहर रखी गई परियोजनाओं की सूची प्रकाशित करेगा।