🔥 ट्रेंडिंग पीओसीएसओ केस में आर वीरामणि के खिलाफ ब... गुरुग्राम पुलिस ने थार ड्राइवर को टैक्... वीरमणि की पीओसीएसओ केस में गिरफ्तारी,... लीली रेन्हार्ट ने ‘द लव हाइपोथीसिस’ फ़... तिगमांशु धुलिया ने ‘मिर्ज़ापुर’ को कहा... पेरिस में ब्रीजिट बर्डो की वस्तुओं की...
22 सित. 2026
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने इको‑ज़ोन को नुकसान से बचाने के लिए वन सड़क मंजूरी रोक दी
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sumita Roy Dutta
स्थानीय

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने इको‑ज़ोन को नुकसान से बचाने के लिए वन सड़क मंजूरी रोक दी

✍️ The News Mill 🗓 20 अग. 2026, 10:36 AM 👁 20
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने इको‑ज़ोन को नुकसान से बचाने के लिए सभी वन सड़क मंजूरी को रोकने का आदेश दिया है। यह निर्णय राज्य के संवेदनशील वन पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा के लिए है।

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य में सभी नई वन सड़क मंजूरी को रोकने का अंतरिम आदेश जारी किया है। कोर्ट ने कहा कि कई प्रस्तावित परियोजनाएँ संरक्षित इको‑ज़ोन में प्रवेश कर सकती हैं, जिससे जैव विविधता को खतरा और भूस्खलन की संभावना बढ़ेगी।

पर्यावरण संगठनों के प्रतिनिधियों ने तर्क दिया कि मौजूदा मंजूरी प्रक्रिया पर्यावरणीय प्रभाव का पर्याप्त मूल्यांकन नहीं करती। इसके जवाब में कोर्ट ने वन विभाग को सभी लंबित मंजूरी को तब तक रोकने का निर्देश दिया, जब तक विस्तृत पर्यावरणीय प्रभाव आकलन पूरा नहीं हो जाता।

यह निर्णय हिमाचल प्रदेश के संवेदनशील पारिस्थितिक क्षेत्रों में विकास कार्यों की न्यायिक जांच को उजागर करता है। राज्य वन विभाग को 30 दिनों के भीतर सभी लंबित परियोजनाओं पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।

हालांकि यह आदेश सभी बुनियादी ढाँचा कार्यों पर प्रतिबंध नहीं लगाता, यह भविष्य में किसी भी सड़क निर्माण को कड़े पर्यावरणीय मानकों के अनुसार चलाने की आवश्यकता पर बल देता है। यह निर्णय अन्य हिमालयी राज्यों में समान मामलों को भी प्रभावित कर सकता है, जहाँ वन संरक्षण प्राथमिकता है।

स्थानीय ठेकेदारों और पर्यटन उद्योग के प्रतिनिधियों ने संभावित देरी को लेकर चिंता जताई, परन्तु पर्यावरण समर्थकों ने इसे राज्य की प्राकृतिक धरोहर की रक्षा के लिए आवश्यक कदम माना।
📲Get App