🔥 ट्रेंडिंग बस और हाइवा में जोरदार टक्कर। स्टार्ट-अप्स और नवाचार वित्त में मिस्र... 'परिवारिक मनुरंजन' में एक्टर-राइटर के... जेलर 2 बॉक्स ऑफिस: सैसनीलक ने जारी किय... काजल अग्रवाल ने रामायण परियोजना से कोई... अशोक सेल्वन ने 37वें जन्मदिन पर नागरजु...
09 नव. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
हिमाचल उच्च न्यायालय ने कहा, निजी व्हाट्सएप संदेश सार्वजनिक आलोचना नहीं
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sumita Roy Dutta
स्थानीय

हिमाचल उच्च न्यायालय ने कहा, निजी व्हाट्सएप संदेश सार्वजनिक आलोचना नहीं

✍️ The New Indian Express 🗓 23 सित. 2026, 12:36 PM 👁 73
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने कहा कि निजी व्हाट्सएप संदेशों को सार्वजनिक आलोचना नहीं माना जा सकता, जिससे व्यक्तिगत चैट पर अभिव्यक्ति की सीमाएँ स्पष्ट हुईं।

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि निजी व्हाट्सएप समूहों में भेजे गए संदेश सार्वजनिक आलोचना नहीं माने जा सकते। न्यायालय ने कहा कि व्यक्तिगत चैट की गोपनीयता उन्हें व्यापक विरोध के प्रमाण के रूप में प्रयोग होने से बचाती है।

यह फैसला डिजिटल संचार के दुरुपयोग को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आया है। न्यायाधीशों ने चेतावनी दी कि निजी वार्तालापों को सार्वजनिक बयान मानने से संवैधानिक गोपनीयता अधिकारों को नुकसान पहुंच सकता है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय व्यक्तिगत अभिव्यक्ति और सार्वजनिक विमर्श के बीच अंतर को सुदृढ़ करता है और भविष्य में डिजिटल साक्ष्य के मूल्यांकन पर असर डाल सकता है।
📲Get App