📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sumita Roy Dutta
अपराध
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने कहा: किसी भी स्तर का प्रवेश POCSO के गंभीर हमले के लिए पर्याप्त
✍️ Live Law
🗓 24 सित. 2026, 12:39 AM
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हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने माना है कि न्यूनतम प्रवेश भी POCSO अधिनियम के तहत गंभीर यौन हमले की परिभाषा को पूरा करता है। इस फैसले से गंभीर POCSO अपराधों की कानूनी सीमा स्पष्ट हुई है।
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने एक फैसले में कहा कि प्रवेश की कोई भी डिग्री, चाहे वह कितनी भी हल्की क्यों न हो, POCSO अधिनियम के तहत गंभीर अपराध की कानूनी शर्त को पूरा करती है। अदालत ने स्पष्ट किया कि कानून में प्रवेश की किसी specific मात्रा की मांग नहीं की जाती है ताकि गंभीर प्रावधान लागू हो सके।
यह फैसला एक मामले की समीक्षा के दौरान आया, जहाँ निचली अदालत ने अभियुक्त को POCSO के गंभीर प्रावधान के तहत दोषी ठहराया था। उच्च न्यायालय ने इस दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए कहा कि अभियोजन ने प्रवेश की आवश्यक तत्व को साबित कर दिया है।
कानून के विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से अस्पष्टता दूर हुई है और विधायिका के इरादे के अनुसार nawet छोटे प्रवेशकारी कृत्य को भी गंभीरता से लिया जाएगा। यह निर्णय देश भर में भविष्य के POCSO मामलों पर प्रभाव डालने की उम्मीद है।
यह फैसला एक मामले की समीक्षा के दौरान आया, जहाँ निचली अदालत ने अभियुक्त को POCSO के गंभीर प्रावधान के तहत दोषी ठहराया था। उच्च न्यायालय ने इस दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए कहा कि अभियोजन ने प्रवेश की आवश्यक तत्व को साबित कर दिया है।
कानून के विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से अस्पष्टता दूर हुई है और विधायिका के इरादे के अनुसार nawet छोटे प्रवेशकारी कृत्य को भी गंभीरता से लिया जाएगा। यह निर्णय देश भर में भविष्य के POCSO मामलों पर प्रभाव डालने की उम्मीद है।