📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Forestbreather
राजनीति
हिमाचल हाई कोर्ट ने चंबा DC को पंचायत प्रधान चुनाव में देरी का समाधान करने का आदेश दिया
✍️ HimbuMail
🗓 16 अक्टू. 2026, 04:32 AM
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हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने चंबा के जिला कलेक्टर को पंचायत प्रधान चुनाव में देरी के प्रश्न का समाधान करने का निर्देश दिया।
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने चंबा के जिला कलेक्टर को निर्देश दिया है कि वह पंचायत प्रधान चुनाव में देरी के कारणों का निर्धारण करे और तुरंत समाधान प्रस्तुत करे। यह आदेश लाइव सुनवाई के दौरान दिया गया, जिससे प्रशासनिक सुस्ती को दूर करने की अदालत की तत्परता स्पष्ट हुई।
चुनाव अधिकारियों ने लॉजिस्टिक समस्याओं का हवाला देते हुए चुनाव को स्थगित कर दिया था, परन्तु कोई स्पष्ट समय‑सारिणी नहीं बताई गई, जिससे स्थानीय उम्मीदवारों और नागरिकों ने आपत्ति जताई। कोर्ट ने कहा कि ऐसी अनिश्चित देरी से गांव स्तर की लोकतांत्रिक प्रक्रिया कमजोर होती है।
कलेक्टर को देरी का समाधान करने का निर्देश देकर, अदालत का उद्देश्य पंचायत प्रधान चुनाव को आगे और टाल‑मटोल से बचाना और स्थानीय शासन में भरोसा बहाल करना है। कलेक्टर को निर्धारित अवधि के भीतर विस्तृत रिपोर्ट और ठोस समय‑सारिणी प्रस्तुत करनी होगी।
राजनीतिक दलों और नागरिक संगठनों ने इस हस्तक्षेप का स्वागत किया है, इसे चंबा जिले में चुनावी पारदर्शिता और वैधता को सुनिश्चित करने के आवश्यक कदम के रूप में देखा गया है।
चुनाव अधिकारियों ने लॉजिस्टिक समस्याओं का हवाला देते हुए चुनाव को स्थगित कर दिया था, परन्तु कोई स्पष्ट समय‑सारिणी नहीं बताई गई, जिससे स्थानीय उम्मीदवारों और नागरिकों ने आपत्ति जताई। कोर्ट ने कहा कि ऐसी अनिश्चित देरी से गांव स्तर की लोकतांत्रिक प्रक्रिया कमजोर होती है।
कलेक्टर को देरी का समाधान करने का निर्देश देकर, अदालत का उद्देश्य पंचायत प्रधान चुनाव को आगे और टाल‑मटोल से बचाना और स्थानीय शासन में भरोसा बहाल करना है। कलेक्टर को निर्धारित अवधि के भीतर विस्तृत रिपोर्ट और ठोस समय‑सारिणी प्रस्तुत करनी होगी।
राजनीतिक दलों और नागरिक संगठनों ने इस हस्तक्षेप का स्वागत किया है, इसे चंबा जिले में चुनावी पारदर्शिता और वैधता को सुनिश्चित करने के आवश्यक कदम के रूप में देखा गया है।