📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sumita Roy Dutta
स्वास्थ्य
हिमाचल एचसी: सरोगेसी मैटरनिटी लीव के लिए बाधा नहीं
✍️ The Indian Express
🗓 07 अग. 2026, 02:02 AM
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हिमाचल उच्च न्यायालय ने एक डॉक्टर को राहत देते हुए यह फैसला सुनाया है कि सरोगेसी मैटरनिटी लीव के लिए बाधा नहीं है। यह निर्णय महिलाओं के रोजगार अधिकारों के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण विकास है।
एक ऐतिहासिक फैसले में, हिमाचल उच्च न्यायालय ने यह निर्णय लिया है कि सरोगेसी एक महिला को मैटरनिटी लीव के लिए अयोग्य नहीं ठहराती है। यह निर्णय राज्य में कार्यरत महिलाओं के लिए दूरगामी परिणाम होने की उम्मीद है। न्यायालय का यह फैसला एक डॉक्टर द्वारा दायर की गई याचिका के जवाब में आया, जिसे सरोगेसी के माध्यम से बच्चे के जन्म के बाद मैटरनिटी लीव से वंचित कर दिया गया था। न्यायालय ने यह टिप्पणी की कि मैटरनिटी लीव का उद्देश्य एक महिला को अपने नवजात शिशु की देखभाल करने की अनुमति देना है, चाहे बच्चे का जन्म किसी भी तरीके से हुआ हो।