📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / UnpetitproleX
स्थानीय
हिमाचल के राज्यपाल ने सांस्कृतिक धरोहर व पर्यावरण संरक्षण की अपील
✍️ :: India News Calling ::
🗓 14 अक्टू. 2026, 05:32 AM
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हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल ने क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर और प्राकृतिक पर्यावरण की सुरक्षा के लिए त्वरित कदम उठाने की अपील की।
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल ने अधिकारियों और सामुदायिक नेताओं की बैठक में राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और नाज़ुक पारिस्थितिक तंत्र की सुरक्षा की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक मंदिर, पारम्परिक कला रूप और स्वदेशी प्रथाएँ हिमाचल की पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं और इन्हें भविष्य की पीढ़ियों के लिए संरक्षित किया जाना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि अनियोजित निर्माण, पर्यटन का दबाव और जलवायु‑संबंधी चुनौतियाँ दोनों, भौतिक और अमूर्त धरोहरों को क्षय कर रही हैं। राज्य प्रशासन से अनुरोध किया कि विकास योजनाओं में विरासत संरक्षण को शामिल किया जाए और पर्यावरणीय नियमों को कड़ाई से लागू किया जाए।
राज्यपाल ने नागरिक समाज, NGOs और स्थानीय लोगों को पुनर्स्थापना परियोजनाओं में सहयोग करने, इको‑फ्रेंडली पर्यटन को बढ़ावा देने और सतत आजीविका अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि धरोहर स्थलों की निगरानी और ठोस कदम सुझाने के लिए एक टास्क‑फ़ोर्स बनाया जाएगा।
अंत में, उन्होंने सार्वजनिक जागरूकता अभियानों की माँग की ताकि हिमाचल की सांस्कृतिक और प्राकृतिक संपदा पर गर्व बढ़े और संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी माना जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि अनियोजित निर्माण, पर्यटन का दबाव और जलवायु‑संबंधी चुनौतियाँ दोनों, भौतिक और अमूर्त धरोहरों को क्षय कर रही हैं। राज्य प्रशासन से अनुरोध किया कि विकास योजनाओं में विरासत संरक्षण को शामिल किया जाए और पर्यावरणीय नियमों को कड़ाई से लागू किया जाए।
राज्यपाल ने नागरिक समाज, NGOs और स्थानीय लोगों को पुनर्स्थापना परियोजनाओं में सहयोग करने, इको‑फ्रेंडली पर्यटन को बढ़ावा देने और सतत आजीविका अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि धरोहर स्थलों की निगरानी और ठोस कदम सुझाने के लिए एक टास्क‑फ़ोर्स बनाया जाएगा।
अंत में, उन्होंने सार्वजनिक जागरूकता अभियानों की माँग की ताकि हिमाचल की सांस्कृतिक और प्राकृतिक संपदा पर गर्व बढ़े और संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी माना जाए।