📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harvinder Chandigarh
अपराध
सुरक्षा के लिए ट्रेन से कूदना: प्हंड हाई कोर्ट ने फायर डर को आत्म‑रक्षा माना
✍️ livelaw.in
🗓 12 अग. 2026, 10:37 AM
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पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आग लगने के डर से ट्रेन से कूदना आत्म‑रक्षा है, स्वयं‑प्रेरित चोट नहीं।
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि आग लगने के डर से चलती हुई ट्रेन से कूदने वाला यात्री स्वयं‑प्रेरित चोट नहीं बल्कि आत्म‑रक्षा कर रहा है। इस निर्णय में बताया गया कि वास्तविक खतरे के सामने लिया गया यह कदम वैध सुरक्षा कार्रवाई है।
न्यायालय ने बताया कि यात्री का मुख्य उद्देश्य आग से होने वाली संभावित चोट या मृत्यु से बचना था, इसलिए यह कार्य स्व‑प्रेरित चोट के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।
इस निर्णय से उन मामलों में स्पष्टता मिलेगी जहाँ यात्रियों ने आपातकालीन स्थिति में ट्रेन छोड़ी है। वकील अब ऐसे मामलों में यह तर्क दे सकेंगे कि यह आत्म‑रक्षा है, न कि स्वयं‑प्रेरित चोट।
हालाँकि यह फैसला हर परिस्थिति पर लागू नहीं होता, पर यह भारतीय न्याय व्यवस्था में इस तरह के घटनाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल स्थापित करता है।
न्यायालय ने बताया कि यात्री का मुख्य उद्देश्य आग से होने वाली संभावित चोट या मृत्यु से बचना था, इसलिए यह कार्य स्व‑प्रेरित चोट के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।
इस निर्णय से उन मामलों में स्पष्टता मिलेगी जहाँ यात्रियों ने आपातकालीन स्थिति में ट्रेन छोड़ी है। वकील अब ऐसे मामलों में यह तर्क दे सकेंगे कि यह आत्म‑रक्षा है, न कि स्वयं‑प्रेरित चोट।
हालाँकि यह फैसला हर परिस्थिति पर लागू नहीं होता, पर यह भारतीय न्याय व्यवस्था में इस तरह के घटनाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल स्थापित करता है।