📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / AnonymousUnknown author
अपराध
हाई कोर्ट ने कहा हिरासत में महिलाओं की मारपीट और यौन शोषण अपराध है
✍️ The Times of India
🗓 12 सित. 2026, 02:36 AM
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कोर्ट ने कहा कि हिरासत में महिलाओं पर शारीरिक या यौन दुरुपयोग अपराध है, पुलिस का कर्तव्य नहीं।
हाई कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि हिरासत में महिलाओं पर शारीरिक मारपीट या यौन शोषण कोई पुलिस कर्तव्य नहीं बल्कि आपराधिक अपराध है।
यह निर्णय इस सिद्धांत को दोहराता है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों को हिरासत में रखे व्यक्तियों, विशेषकर महिलाओं, के मौलिक अधिकारों का सम्मान करना अनिवार्य है और किसी भी उल्लंघन पर आपराधिक दायित्व लागू होगा।
कानून विशेषज्ञों ने कहा कि यह फैसला पुलिस दुरुपयोग के खिलाफ मौजूदा क़ानूनों को सुदृढ़ करता है और अदालतों तथा पुलिस विभागों को हिरासत में दुर्व्यवहार के मामलों को संभालने के लिए स्पष्ट दिशा‑निर्देश प्रदान करता है।
इस निर्णय के बाद देश भर की पुलिस बलों से उम्मीद की जा रही है कि वे अपने हिरासत प्रक्रियाओं और प्रशिक्षण को पुनः देखें और कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप सुधार लागू करें।
यह निर्णय इस सिद्धांत को दोहराता है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों को हिरासत में रखे व्यक्तियों, विशेषकर महिलाओं, के मौलिक अधिकारों का सम्मान करना अनिवार्य है और किसी भी उल्लंघन पर आपराधिक दायित्व लागू होगा।
कानून विशेषज्ञों ने कहा कि यह फैसला पुलिस दुरुपयोग के खिलाफ मौजूदा क़ानूनों को सुदृढ़ करता है और अदालतों तथा पुलिस विभागों को हिरासत में दुर्व्यवहार के मामलों को संभालने के लिए स्पष्ट दिशा‑निर्देश प्रदान करता है।
इस निर्णय के बाद देश भर की पुलिस बलों से उम्मीद की जा रही है कि वे अपने हिरासत प्रक्रियाओं और प्रशिक्षण को पुनः देखें और कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप सुधार लागू करें।