📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
धर्म
उच्च न्यायालय ने माता-पिता के विरोध के बावजूद वयस्क महिला को जैन साध्वी बनने का अधिकार दिया
✍️ Live Law
🗓 09 सित. 2026, 09:04 PM
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मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने वयस्क महिला को जैन साध्वी बनने का अधिकार देने का निर्णय लिया, जबकि उसके माता-पिता ने विरोध किया।
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक निर्णय में वयस्क महिला को जैन साध्वी बनने के अपने निर्णय को माता-पिता के विरोध के बावजूद मान्यता दी। यह निर्णय तब आया जब महिला ने अपने आध्यात्मिक जीवन को औपचारिक रूप देने के लिए न्यायालय में याचिका दायर की थी।
माता-पिता ने उसकी इस पसंद पर चिंता जताई, यह तर्क देते हुए कि इससे उसकी भविष्य की योजनाएँ और पारिवारिक ज़िम्मेदारियाँ प्रभावित होंगी। परन्तु न्यायालय ने स्पष्ट किया कि वयस्क होने के नाते उसके पास अपनी धार्मिक राह चुनने का अधिकार है।
निर्णय में न्यायालय ने संविधान के धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के प्रावधानों का हवाला दिया, और कहा कि माता-पिता किसी वयस्क के आध्यात्मिक निर्णय को बाधित नहीं कर सकते।
यह फैसला भारत में इसी तरह के मामलों के लिए एक मिसाल कायम कर सकता है, यह दर्शाते हुए कि वयस्क व्यक्ति बिना पारिवारिक दखल के आध्यात्मिक प्रतिबद्धता अपना सकते हैं।
माता-पिता ने उसकी इस पसंद पर चिंता जताई, यह तर्क देते हुए कि इससे उसकी भविष्य की योजनाएँ और पारिवारिक ज़िम्मेदारियाँ प्रभावित होंगी। परन्तु न्यायालय ने स्पष्ट किया कि वयस्क होने के नाते उसके पास अपनी धार्मिक राह चुनने का अधिकार है।
निर्णय में न्यायालय ने संविधान के धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के प्रावधानों का हवाला दिया, और कहा कि माता-पिता किसी वयस्क के आध्यात्मिक निर्णय को बाधित नहीं कर सकते।
यह फैसला भारत में इसी तरह के मामलों के लिए एक मिसाल कायम कर सकता है, यह दर्शाते हुए कि वयस्क व्यक्ति बिना पारिवारिक दखल के आध्यात्मिक प्रतिबद्धता अपना सकते हैं।