📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / W.carter
मौसम
करवा चौथ से पहले पूर्वी मध्य प्रदेश के 17 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
✍️ Amar Ujala · Jabalpur
🗓 26 अक्टू. 2026, 07:16 AM
👁 20
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण 29 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश के 17 जिलों में भारी से अति‑भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जो करवा चौथ से पहले आती है।
वायुमंडलीय विभाग ने 29 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश के सत्रह जिलों में भारी से अति‑भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। यह चेतावनी बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रही सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण है, जो उत्तर‑पश्चिम की ओर बढ़ते हुए इस क्षेत्र को प्रभावित करेगी।
जबलपुर, शहडोल, अनुपपुर सहित कई जिलों को इस चेतावनी में शामिल किया गया है। अधिकारियों ने निवासियों से सतर्क रहने, गैर‑आवश्यक यात्रा न करने और बाहर रखी वस्तुओं को सुरक्षित करने का निर्देश दिया है।
यह चेतावनी करवा चौथ से पहले आती है, जब कई महिलाएँ चाँद देख कर व्रत तोड़ती हैं। बादल छा जाने से चाँद दिखाई नहीं दे सकता, जिससे पारंपरिक अनुष्ठान प्रभावित हो सकते हैं, पर सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
स्थानीय आपदा प्रबंधन टीमें तैयार हैं और बाढ़ या जलभराव की स्थिति में त्वरित राहत कार्य करने को तत्पर हैं। नागरिकों को आधिकारिक स्रोतों से अपडेट लेते रहने और आगे के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
वर्तमान में चक्रवात‑समान तेज़ हवाओं की कोई सूचना नहीं है, पर भारी बारिश से निचले क्षेत्रों और नदियों के किनारे जलभराव की आशंका बनी हुई है।
जबलपुर, शहडोल, अनुपपुर सहित कई जिलों को इस चेतावनी में शामिल किया गया है। अधिकारियों ने निवासियों से सतर्क रहने, गैर‑आवश्यक यात्रा न करने और बाहर रखी वस्तुओं को सुरक्षित करने का निर्देश दिया है।
यह चेतावनी करवा चौथ से पहले आती है, जब कई महिलाएँ चाँद देख कर व्रत तोड़ती हैं। बादल छा जाने से चाँद दिखाई नहीं दे सकता, जिससे पारंपरिक अनुष्ठान प्रभावित हो सकते हैं, पर सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
स्थानीय आपदा प्रबंधन टीमें तैयार हैं और बाढ़ या जलभराव की स्थिति में त्वरित राहत कार्य करने को तत्पर हैं। नागरिकों को आधिकारिक स्रोतों से अपडेट लेते रहने और आगे के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
वर्तमान में चक्रवात‑समान तेज़ हवाओं की कोई सूचना नहीं है, पर भारी बारिश से निचले क्षेत्रों और नदियों के किनारे जलभराव की आशंका बनी हुई है।