📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / W.carter
मौसम
30‑31 मार्च को खैबर पख्तूनख्वा, पंजाब और बलूचिस्तान में भारी बारिश चेतावनी
✍️ Mshale
🗓 22 अग. 2026, 10:39 PM
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पाकिस्तान के मौसम विभाग ने 30‑31 मार्च को खैबर पख्तूनख्वा, पंजाब और बलूचिस्तान में भारी बारिश की चेतावनी जारी की, नागरिकों से सतर्क रहने का अनुरोध किया।
पाकिस्तान के मौसम विभाग ने 30‑31 मार्च को खैबर पख्तूनख्वा, पंजाब और बलूचिस्तान में व्यापक भारी बारिश की भविष्यवाणी करते हुए मौसम बुलेटिन जारी किया। यह चेतावनी अरब सागर से पूर्व की ओर बढ़ते कम दबाव वाले सिस्टम के कारण है, जो इन क्षेत्रों में वर्षा को तीव्र कर देगा।
विभाग ने बताया कि कुछ जिलों में 50 mm से अधिक वर्षा हो सकती है, जिससे बाढ़, भूस्खलन और सड़कों में बाधा जैसी स्थितियों का खतरा बढ़ रहा है, विशेषकर KP के पहाड़ी इलाकों और बलूचिस्तान के तटीय क्षेत्रों में। स्थानीय आपदा प्रबंधन एजेंसियों को आपातकालीन टीमों को सक्रिय करने और निकासी मार्ग साफ रखने का निर्देश दिया गया है।
प्रभावित प्रदेशों के निवासियों से संपत्ति सुरक्षित रखने, निचले क्षेत्रों से दूर रहने और आधिकारिक चैनलों व स्थानीय मीडिया से लगातार जानकारी प्राप्त करने की अपील की गई है। मौसम विभाग ने किसानों को फसलों की रक्षा करने और जल जमाव से संभावित नुकसान को कम करने की सलाह भी दी है।
यह चेतावनी उपमहाद्वीप में अस्थिर मौसम की व्यापक प्रवृत्ति के बीच आई है, जबकि भारत के कई राज्यों में भी बिखरे हुए शॉवर देखे जा रहे हैं। फिलहाल कोई सीधा सीमा‑पार प्रभाव नहीं दिखा, पर दोनों देशों के मौसम विभाग संभावित बदलावों पर नज़र रखेंगे।
विभाग ने बताया कि कुछ जिलों में 50 mm से अधिक वर्षा हो सकती है, जिससे बाढ़, भूस्खलन और सड़कों में बाधा जैसी स्थितियों का खतरा बढ़ रहा है, विशेषकर KP के पहाड़ी इलाकों और बलूचिस्तान के तटीय क्षेत्रों में। स्थानीय आपदा प्रबंधन एजेंसियों को आपातकालीन टीमों को सक्रिय करने और निकासी मार्ग साफ रखने का निर्देश दिया गया है।
प्रभावित प्रदेशों के निवासियों से संपत्ति सुरक्षित रखने, निचले क्षेत्रों से दूर रहने और आधिकारिक चैनलों व स्थानीय मीडिया से लगातार जानकारी प्राप्त करने की अपील की गई है। मौसम विभाग ने किसानों को फसलों की रक्षा करने और जल जमाव से संभावित नुकसान को कम करने की सलाह भी दी है।
यह चेतावनी उपमहाद्वीप में अस्थिर मौसम की व्यापक प्रवृत्ति के बीच आई है, जबकि भारत के कई राज्यों में भी बिखरे हुए शॉवर देखे जा रहे हैं। फिलहाल कोई सीधा सीमा‑पार प्रभाव नहीं दिखा, पर दोनों देशों के मौसम विभाग संभावित बदलावों पर नज़र रखेंगे।