📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
मौसम
MP में 5 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट, 20 जिलों में 2.5 इंच से अधिक बारिश की संभावना
✍️ Amar Ujala · Sagar
🗓 25 अग. 2026, 07:21 AM
👁 7
मौसम विभाग ने टीकमगढ़, दमोह, नरसिंहपुर, बैतूल और राजगढ़ में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि 20 जिलों में मंगलवार को 2.5 इंच से अधिक बारिश की संभावना है।
मध्य प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (MPSDMA) ने मंगलवार को टीकमगढ़, दमोह, नरसिंहपुर, बैतूल और राजगढ़ में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 2.5 इंच से अधिक वर्षा की संभावना है, जिससे बाढ़ और जलजमाव का खतरा बढ़ रहा है।
इन पाँच जिलों के साथ, राज्य के बीस अन्य जिलों, जिसमें राजधानी भोपाल भी शामिल है, में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। अधिकारियों ने निवासियों से सतर्क रहने, निचले क्षेत्रों से बचने और स्थानीय निर्देशों का पालन करने को कहा है।
आपदा प्रबंधन टीमों को तैनात किया गया है और सबसे संवेदनशील जिलों में राहत सामग्री पहले से ही उपलब्ध कराई गई है। मौसम विभाग पूरे दिन मौसम की निरंतर निगरानी करेगा और स्थानीय मीडिया तथा आधिकारिक चैनलों के माध्यम से अपडेट देगा।
निवासियों को आपातकालीन किट तैयार रखने, ढीले सामान को सुरक्षित करने और जलमग्न सड़कों पर गाड़ी चलाने से बचने की सलाह दी गई है। यह अलर्ट तब तक जारी रहेगा जब तक मौसम प्रणाली इस क्षेत्र से नहीं हटती।
यह भारी बारिश मध्य भारत में चल रहे मानसून के हिस्से के रूप में आती है, और अधिकारियों ने कहा है कि आने वाले दिनों में पड़ोसी राज्यों में भी इसी तरह की स्थितियों की संभावना है।
इन पाँच जिलों के साथ, राज्य के बीस अन्य जिलों, जिसमें राजधानी भोपाल भी शामिल है, में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। अधिकारियों ने निवासियों से सतर्क रहने, निचले क्षेत्रों से बचने और स्थानीय निर्देशों का पालन करने को कहा है।
आपदा प्रबंधन टीमों को तैनात किया गया है और सबसे संवेदनशील जिलों में राहत सामग्री पहले से ही उपलब्ध कराई गई है। मौसम विभाग पूरे दिन मौसम की निरंतर निगरानी करेगा और स्थानीय मीडिया तथा आधिकारिक चैनलों के माध्यम से अपडेट देगा।
निवासियों को आपातकालीन किट तैयार रखने, ढीले सामान को सुरक्षित करने और जलमग्न सड़कों पर गाड़ी चलाने से बचने की सलाह दी गई है। यह अलर्ट तब तक जारी रहेगा जब तक मौसम प्रणाली इस क्षेत्र से नहीं हटती।
यह भारी बारिश मध्य भारत में चल रहे मानसून के हिस्से के रूप में आती है, और अधिकारियों ने कहा है कि आने वाले दिनों में पड़ोसी राज्यों में भी इसी तरह की स्थितियों की संभावना है।