📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kulttuurinavigaattori
स्वास्थ्य
स्वास्थ्य पैनल ने कहा, उत्तर‑पूर्व में नई वेक्टर‑जनित रोगों का खतरा बढ़ा
✍️ The Times of India
🗓 02 सित. 2026, 12:38 PM
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एक स्वास्थ्य पैनल ने कहा कि उत्तर‑पूर्व के कई जिलों में नई वेक्टर‑जनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे सतर्कता बढ़ाने की आवश्यकता है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य पैनल ने उत्तर‑पूर्वी राज्यों में बढ़ते सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे पर चर्चा करने के लिए इस सप्ताह बैठक की। विशेषज्ञों ने बताया कि डेंगी, चिकनगुनिया और जापानी एन्सेफैलाइटिस जैसी कई वेक्टर‑जनित बीमारियों के नए जिले में केस दर्ज हो रहे हैं, जो पहले सीमित क्षेत्रों में ही पाई जाती थीं। यह परिवर्तन जलवायु परिवर्तन, बढ़ती गतिशीलता और कीट नियंत्रण कार्यक्रमों में खामियों के कारण हुआ है।
पैनल ने चेतावनी दी कि इन रोगों का प्रसार उन क्षेत्रों में गंभीर समस्या बन सकता है जहाँ प्रतिरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने तुरंत निगरानी नेटवर्क को मजबूत करने, त्वरित निदान क्षमता बढ़ाने और समुदाय में मच्छर प्रजनन स्थल हटाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की मांग की।
आगे के कदम के रूप में, राज्य स्वास्थ्य विभागों को अतिरिक्त संसाधन आवंटित करने, लार्विसाइड स्प्रेइंग और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में कीटनाशक‑प्रसंस्कृत जाल वितरित करने की सलाह दी गई। इन उपायों की प्रगति और रोग प्रवृत्ति की निगरानी के लिए अगले महीने एक फॉलो‑अप बैठक निर्धारित की गई है।
पैनल ने चेतावनी दी कि इन रोगों का प्रसार उन क्षेत्रों में गंभीर समस्या बन सकता है जहाँ प्रतिरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने तुरंत निगरानी नेटवर्क को मजबूत करने, त्वरित निदान क्षमता बढ़ाने और समुदाय में मच्छर प्रजनन स्थल हटाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की मांग की।
आगे के कदम के रूप में, राज्य स्वास्थ्य विभागों को अतिरिक्त संसाधन आवंटित करने, लार्विसाइड स्प्रेइंग और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में कीटनाशक‑प्रसंस्कृत जाल वितरित करने की सलाह दी गई। इन उपायों की प्रगति और रोग प्रवृत्ति की निगरानी के लिए अगले महीने एक फॉलो‑अप बैठक निर्धारित की गई है।