📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Varunesh Chandra (Born Sambalpur, Odisha, India)
अपराध
सहरसा अस्पताल में पत्रकार पर मारपीट के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अधीक्षक व दो डॉक्टरों को बर्खास्त किया
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 19 सित. 2026, 07:45 AM
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12 सितंबर को डिजिटल न्यूज के पत्रकार पर सहरसा सदर अस्पताल में मारपीट और सीसीटीवी फुटेज हटाने की घटना के बाद बिहार स्वास्थ्य विभाग ने अधीक्षक और दो डॉक्टरों को हटाया।
सहरसा, बिहार – 12 सितंबर को डिजिटल न्यूज के एक पत्रकार पर सहरसा सदर अस्पताल में शारीरिक हमला किया गया, साथ ही घटना की सीसीटीवी फुटेज को हटाने का आरोप भी लगा। इस कारण बिहार स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अस्पताल के अधीक्षक तथा दो डॉक्टरों को पद से हटा दिया।
विभागीय जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित अधीक्षक और दो डॉक्टरों ने इस हिंसा में भाग लिया था। उन्हें तत्काल बर्खास्त कर दिया गया और आगे की जांच के लिए रखरखाव किया गया।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बयान देते हुए कहा कि पत्रकारों के खिलाफ किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। एक विशेष जांच समिति ने इस मामले की पूरी जाँच करने का आदेश दिया है।
पत्रकार संघों ने इस घटना की निंदा की और सार्वजनिक संस्थानों में रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कड़े नियमों की मांग की है। विभाग ने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी कोई भी उल्लंघन कड़ी सजा का कारण बनेगा।
अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है, पर हटाए गए अधिकारियों को जल्द ही विभागीय जांच पैनल के समक्ष पेश किया जाएगा।
विभागीय जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित अधीक्षक और दो डॉक्टरों ने इस हिंसा में भाग लिया था। उन्हें तत्काल बर्खास्त कर दिया गया और आगे की जांच के लिए रखरखाव किया गया।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बयान देते हुए कहा कि पत्रकारों के खिलाफ किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। एक विशेष जांच समिति ने इस मामले की पूरी जाँच करने का आदेश दिया है।
पत्रकार संघों ने इस घटना की निंदा की और सार्वजनिक संस्थानों में रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कड़े नियमों की मांग की है। विभाग ने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी कोई भी उल्लंघन कड़ी सजा का कारण बनेगा।
अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है, पर हटाए गए अधिकारियों को जल्द ही विभागीय जांच पैनल के समक्ष पेश किया जाएगा।