📷 चित्र स्रोत: Times of India (via NewsData)
टेक्नोलॉजी
हाई कोर्ट का सवाल: 150 मिलियन टेलीग्राम यूजर्स के अधिकार क्यों सीमित करें?
✍️ Times of India
🗓 19 जून 2026, 04:01 AM
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दिल्ली हाई कोर्ट ने 150 मिलियन टेलीग्राम उपयोगकर्ताओं के अधिकारों को संभावित रूप से प्रतिबंधित करने के पीछे के तर्क पर सवाल उठाया, जबकि अटॉर्नी जनरल ने ऐप को 'फ्रेंकस्टीन' बताया।
दिल्ली हाई कोर्ट ने मैसेजिंग एप्लिकेशन टेलीग्राम के लगभग 150 मिलियन उपयोगकर्ताओं के अधिकारों में संभावित कटौती के संबंध में महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं। अदालत की यह पूछताछ एक बड़े उपयोगकर्ता आधार पर ऐसे प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता और औचित्य पर केंद्रित है।
कार्यवाही के दौरान, अटॉर्नी जनरल ने कथित तौर पर टेलीग्राम एप्लिकेशन को 'फ्रेंकस्टीन' के रूप में वर्णित किया। यह विवरण ऐप की संरचना, कार्यक्षमता, या संभावित जोखिमों के बारे में चिंताओं का सुझाव देता है, जिससे अदालत की जांच पड़ताल शुरू हुई।
कानूनी चर्चा डिजिटल प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ताओं के मौलिक अधिकारों और नियामक निरीक्षण के बीच संतुलन की न्यायिक परीक्षा का संकेत देती है। अदालत का रुख लाखों उपयोगकर्ताओं को प्रभावित करने वाले किसी भी उपाय को लागू करने से पहले एक मजबूत तर्क की आवश्यकता का तात्पर्य है।
कार्यवाही के दौरान, अटॉर्नी जनरल ने कथित तौर पर टेलीग्राम एप्लिकेशन को 'फ्रेंकस्टीन' के रूप में वर्णित किया। यह विवरण ऐप की संरचना, कार्यक्षमता, या संभावित जोखिमों के बारे में चिंताओं का सुझाव देता है, जिससे अदालत की जांच पड़ताल शुरू हुई।
कानूनी चर्चा डिजिटल प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ताओं के मौलिक अधिकारों और नियामक निरीक्षण के बीच संतुलन की न्यायिक परीक्षा का संकेत देती है। अदालत का रुख लाखों उपयोगकर्ताओं को प्रभावित करने वाले किसी भी उपाय को लागू करने से पहले एक मजबूत तर्क की आवश्यकता का तात्पर्य है।